Patna : बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस अंचलों (पुलिस सर्किल) के पुनर्गठन की तैयारी शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य थानों में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाना, जांच की गुणवत्ता सुधारना और बेहतर निगरानी व्यवस्था विकसित करना है।
इसको लेकर पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हो चुकी है। इसके बाद सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) से रिपोर्ट मांगी गई है। इन रिपोर्टों के आधार पर तय किया जाएगा कि किन जिलों में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन की जरूरत है। पिछले कुछ वर्षों में बिहार में पुलिस थानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में राज्य में 2800 से अधिक थाने कार्यरत हैं। कई पुलिस आउट पोस्ट को भी पूर्ण थाना बना दिया गया है। इससे एक पुलिस सर्किल के अंतर्गत आने वाले थानों की संख्या बढ़ गई है और सर्किल इंस्पेक्टर पर काम का दबाव ज्यादा हो गया है।
मौजूदा व्यवस्था में एक सर्किल इंस्पेक्टर को कई थानों की निगरानी करनी पड़ती है। इसके कारण मामलों की जांच और पर्यवेक्षण में देरी होती है। समय पर निगरानी नहीं होने से कई केस कमजोर भी हो जाते हैं। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि पुनर्गठन से प्रत्येक सर्किल इंस्पेक्टर के अधीन थानों की संख्या संतुलित हो जाएगी। इससे मामलों की नियमित समीक्षा संभव होगी और लंबित केसों के निपटारे में तेजी आएगी।
सूत्रों के अनुसार, अधिक कार्यभार वाले बड़े पुलिस अंचलों को विभाजित किया जा सकता है, जबकि कम कार्यभार वाले क्षेत्रों में नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा। इससे पुलिस अधिकारियों को अपने प्रशासनिक और जांच कार्य बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी। पुलिस अंचलों के पुनर्गठन से फील्ड स्तर पर पुलिसिंग मजबूत होने की उम्मीद है। थानों पर दबाव कम होने से पुलिस अपराध नियंत्रण, गश्त और जनसंपर्क पर अधिक ध्यान दे सकेगी।
फिलहाल सभी जिलों से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद अंतिम प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से पुलिस अंचलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि इससे बिहार की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
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