बीजेपी का तीन दशक पुराना गढ़ ढहाने वाले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर आज बिहार विधानसभा के सदस्य बन गए. सोमवार सुबह 10:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने प्रशांत किशोर को विधायक पद की शपथ दिलाई. खास बात ये रही कि शपथ ग्रहण सदन के अंदर नहीं, बल्कि विधानसभा के मुख्य भवन में स्पीकर प्रेम कुमार के दफ्तर में हुआ, क्योंकि फिलहाल विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा है.
शपथ लेने के तुरंत बाद प्रशांत किशोर मीडिया के सामने आए और बोले… ‘मेरे लिए बिहार विधानसभा का सदस्य बनना बहुत गर्व की बात है, जहां भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर, नीतीश कुमार और लालू यादव जैसे लोगों ने सदस्य के तौर पर सेवा की है. इनके साथ ही सैकड़ों अन्य विधायकों और सदन के सदस्यों ने समाज और राज्य की बेहतरी के लिए अपने जीवन के कीमती साल समर्पित किए हैं.’
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों के भारी अंतर से हराया था. प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार को महज 44,827 वोट से संतोष करना पड़ा. ये सीट 1995 से लगातार बीजेपी के पास थी, यानी तीन दशक का किला एक ही झटके में गिर गया. ये उपचुनाव इसलिए कराना पड़ा क्योंकि बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन राज्यसभा सांसद बनने के बाद ये सीट खाली कर गए थे.
जन सुराज पार्टी के लिए ये पल ऐतिहासिक माना जा रहा है. करीब दो साल पहले पार्टी बनाने वाले प्रशांत किशोर अब पार्टी के पहले और फिलहाल इकलौते विधायक बन गए हैं. पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने सारी सीटों पर अकेले दम पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन नतीजा सिफर रहा, एक भी सीट पार्टी के खाते में नहीं आई थी.
राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर के लिए ये शपथ सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया भर नहीं है, बल्कि एक लंबे सियासी सफर का नया मोड़ है. सालों तक दूसरी पार्टियों को चुनाव जिताने की रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर अब खुद जनता के वोट से चुनकर सदन में पहुंचे हैं. बांकीपुर की इस जीत को जन सुराज पार्टी के लिए आने वाले चुनावों से पहले एक बड़े टेस्ट केस के तौर पर देखा जा रहा है.
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