Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»सड़कों पर उतरा युवाओं का गुस्सा, क्या बड़े जनआंदोलन की आहट है?
    जोहार ब्रेकिंग

    सड़कों पर उतरा युवाओं का गुस्सा, क्या बड़े जनआंदोलन की आहट है?

    Joharlive NetworkBy Joharlive NetworkJuly 24, 2026No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    जमीन के भीतर लंबे समय से खदबदाहट थी. ऊपर से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन जब वही खदबदाहट ज्वालामुखी की तरह धरती की सतह को चीरकर बाहर आती है, तभी लोगों को पता चलता है कि भीतर कितना बड़ा विस्फोटक तैयार हो रहा था. आज देश के नौजवानों के आंदोलन की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है.

    शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी पर नवजवानों का संगठन बन जाएगा और उस संगठन के नेतृत्व में इतना व्यापक और जुझारू आंदोलन शुरू हो जाएगा ! जंतर-मंतर से शुरू होकर यह देश भर में फैलता जा रहा है. हर जगह युवाओं की भारी भागीदारी दिखाई दे रही हैं . बड़ी संख्या में युवतियाँ भी इस आंदोलन में सक्रिय दिखाई दे रहीं हैं. वे कह रही हैं कि इस भीड़ में वे स्वयं को सबसे अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश है.

    यह आंदोलन केवल किसी एक घटना की प्रतिक्रिया नहीं है. इसके पीछे वर्षों से जमा होता असंतोष है. पिछले कुछ वर्षों से देश नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रहा है. इस दौरान सरकार की नीतियों को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में यह धारणा बनी है कि इस सरकार में बड़े उद्योगपतियों और पूँजीपति समूहों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है. ग़रीबी और अमीरी के बीच खाई बेतहाशा बढ़ती जा रही है. गरीबों, किसानों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के हितों की अनदेखी हो रही है. बेरोज़गारी और महँगाई ने आम लोगों, विशेषकर युवाओं के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है.

    शायद सत्ता को यह ग़लतफ़हमी हो गई थी कि बग़ैर युवाओं की बात सुने केवल अपने मन की बात सुना कर, मुख्य धारा की मीडिया को अपने प्रचार का साधन बनाकर आम अवाम को अपने सम्मोहन में अनंत काल तक प्रभावित रखा जा सकता है. सरकार का जो भी निर्णय होगा जनता उन्हें चुपचाप स्वीकार करती रहेगी. लेकिन आज सड़कों पर दिखाई दे रहा नौजवानों का यह विस्फोट बता रहा है कि समाज के भीतर असंतोष लगातार जमा हो रहा था. यह उभार इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र में जनता अंततः अपनी बात कहने का रास्ता खोज ही लेती है.

    अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं लगता. लगभग सभी राजनीतिक दल इसके साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उनके बीच मानो प्रतिस्पर्धा है कि युवाओं के इस उभार के साथ कौन स्वयं को अधिक मजबूती से जोड़ पाता है. हर दल अपनी-अपनी शैली में इस आंदोलन के निकट दिखाई देना चाहता है.
    फिर भी यह आंदोलन अभी तक किसी एक स्थापित नेता के नेतृत्व में नहीं है. 1974 के छात्र आंदोलन की तरह कोई सर्वमान्य नेतृत्व सामने नहीं आया है. विभिन्न लोग मंचों पर दिखाई दे रहे हैं और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी समर्थन जता रहे हैं. सोनम वांगचुक जी ने भी युवाओं के समर्थन में अनशन किया है, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं का है जो अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं.

    जब तक उनकी प्रमुख माँगें पूरी नहीं होतीं—और जिनमें एक प्रमुख माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी बताई जा रही है—तब तक आंदोलन के समाप्त होने की संभावना कम दिखाई देती है. शायद यह उभार अब उतने पर भी नहीं रूके.

    ( यह लेखक के निजी विचार है, शिवानन्द तिवारी बिहार के जाने माने नेता हैं और राष्ट्रीय जनता दल से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं)

    Also Read : सादे कागज पर हस्ताक्षर लेकर रेप का केस करती है झारखंड की पुलिस

    शिवानंद तिवारी
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleझारखंड: अवैध शराब के धंधे पर चलेगा सरकार का डंडा, 583 उत्पाद सिपाहियों की जल्द होगी बहाली
    Next Article झारखंड: जेपीएससी परीक्षा मामले में चार और गिरफ्तार, पहले गिरफ्तार पांच आरोपियों की पांच दिन की रिमांड मंजूर

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: जेपीएससी परीक्षा मामले में चार और गिरफ्तार, पहले गिरफ्तार पांच आरोपियों की पांच दिन की रिमांड मंजूर

    July 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: अवैध शराब के धंधे पर चलेगा सरकार का डंडा, 583 उत्पाद सिपाहियों की जल्द होगी बहाली

    July 24, 2026
    ट्रेंडिंग

    इंफोसिस में बड़ा बदलाव, आशीष कुमार दाश होंगे अगले CEO

    July 24, 2026
    आदिवासी

    महाराष्ट्र: धर्म बदला तो क्या खत्म हो जाएगा आदिवासी आरक्षण?

    July 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड: स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत, 720 नई एंबुलेंस खरीदेगी सरकार

    July 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    याचिका आई ही नहीं, फिर इनकार कैसा? NEET छात्रों के मामले में CJI सूर्यकांत ने मीडिया को लगाई फटकार

    July 24, 2026
    Latest Posts

    झारखंड: जेपीएससी परीक्षा मामले में चार और गिरफ्तार, पहले गिरफ्तार पांच आरोपियों की पांच दिन की रिमांड मंजूर

    July 24, 2026

    सड़कों पर उतरा युवाओं का गुस्सा, क्या बड़े जनआंदोलन की आहट है?

    July 24, 2026

    झारखंड: अवैध शराब के धंधे पर चलेगा सरकार का डंडा, 583 उत्पाद सिपाहियों की जल्द होगी बहाली

    July 24, 2026

    इंफोसिस में बड़ा बदलाव, आशीष कुमार दाश होंगे अगले CEO

    July 24, 2026

    महाराष्ट्र: धर्म बदला तो क्या खत्म हो जाएगा आदिवासी आरक्षण?

    July 24, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.