रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मरीजों को बेहतर व आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. बुधवार 9 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित रिम्स वित्त एवं लेखा समिति की बैठक में सात प्रमुख प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ. इसमें कैंसर मरीजों के लिए टेक्नीशियन बढ़ाने, रोबोटिक सर्जरी शुरू करने और नए चिकित्सा उपकरणों की खरीद जैसे अहम निर्णय शामिल रहे.
रेडियोथेरेपी टेक्नीशियनों की तैनाती और नए पदों को मंजूरी
बैठक में बताया गया कि रिम्स में रोजाना करीब 40 कैंसर मरीजों को रेडियोथेरेपी दी जा रही है. मरीजों को बिना देरी के समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए टेक्नीशियनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही संस्थान में विभिन्न श्रेणियों के पांच नए पदों पर बहाली को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई.
उपकरणों की गुणवत्तापूर्ण खरीद और सर्जरी का आधुनिकीकरण
चिकित्सा उपकरणों की खरीद में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए. नए उपकरणों की दरों की तुलना पहले जेम (GeM) पोर्टल से की जाएगी और वहां अनुपलब्ध होने पर एम्स की दरों को आधार बनाया जाएगा. अस्पताल की अनुपयोगी मशीनों को नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, सर्जरी विभाग के बर्न वार्ड के लिए नए उपकरण खरीदने, रोबोटिक सर्जरी शुरू करने, जेनेटिक्स विभाग में वैज्ञानिकों को एकेडमिक अलाउंस देने और फायर फाइटिंग सिस्टम के रखरखाव से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनी.
परिसर की स्वच्छता और मरीज सुविधाओं का निरीक्षण
बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने रिम्स के निर्माणाधीन भवनों, ड्रेनेज सिस्टम और बेसमेंट का जायजा लिया. उन्होंने निर्देश दिया कि सफाई केवल फर्श तक सीमित न रहकर पूरे परिसर में दिखनी चाहिए. वार्डों में मरीजों से मिलकर सुविधाओं की जानकारी ली और भोजन की गुणवत्ता व वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए. वहीं, छात्रों को एम्स की तर्ज पर स्टाइपेंड भुगतान और परिसर में नीट-यूजी कोचिंग शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया गया.
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