बॉलीवुड स्टार सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी-थ्रिलर फिल्म ‘द वन’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है. फिल्म के रोमांटिक गाने ‘समझो ना’ की सफलता के बाद मेकर्स ने अब इसके दूसरे गाने ‘छठी मैया’ का टीजर जारी किया है. टीजर में तमन्ना भाटिया पारंपरिक अंदाज में छठ पूजा करती और भगवान सूर्य को अर्घ्य देती नजर आ रही हैं. उनके साथ श्वेता तिवारी भी आध्यात्मिक अंदाज में दिखाई दे रही हैं.

फिल्म के गाने में छठ की आस्था और भव्यता को जिस तरह पेश किया गया है, उसने खास तौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के दर्शकों का ध्यान खींचा है. लेकिन ‘द वन’ का बिहार-झारखंड कनेक्शन सिर्फ छठ पूजा तक सीमित नहीं है. फिल्म की कहानी, इसके लोककथात्मक संसार और इसे बनाने वाली टीम में भी इस इलाके की मिट्टी और संस्कृति की गहरी छाप दिखाई देती है.
छठ की आस्था और वन देवी की रहस्यमयी कहानी
‘छठी मैया’ गीत में छठ महापर्व की परंपरा को फिल्म की फैंटेसी दुनिया से जोड़ा गया है. बिहार और झारखंड के जंगलों से जुड़ी लोककथाओं और वन देवी की रहस्यमयी शक्ति को छठ की धार्मिक आस्था के साथ मिलाकर एक अलग सिनेमाई संसार तैयार किया गया है. गाने को विशाल मिश्रा ने अपनी आवाज दी है, जबकि इसके बोल कौशल किशोर ने लिखे हैं. गीत में भक्ति, लोक आस्था और रहस्य का मेल नजर आता है. तमन्ना भाटिया का पारंपरिक रूप और छठ घाट का माहौल कहानी को पूर्वांचल की संस्कृति से सीधे जोड़ता है.
‘पंचायत’ वाले दीपक मिश्रा और TVF के अरुणाभ कुमार का कनेक्शन
फिल्म का सबसे दिलचस्प पहलू इसके मेकर्स से जुड़ा है. ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी देसी और जमीन से जुड़ी कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशक दीपक मिश्रा और TVF के फाउंडर अरुणाभ कुमार इस प्रोजेक्ट के पीछे हैं. इन दोनों ने मिलकर फिल्म की कहानी और इसके रचनात्मक संसार को तैयार किया है. ऐसे में ‘द वन’ में गांव, जंगल, लोकविश्वास, भारतीय मिथक और रहस्य का मेल देखने को मिलना दिलचस्प होगा.
इस बार कहानी सिर्फ कॉमेडी या ग्रामीण जीवन तक सीमित नहीं है. फैंटेसी, एडवेंचर और मिस्ट्री के जरिए भारतीय लोककथाओं को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है. ‘द वन’ की दुनिया बिहार और झारखंड के जंगलों, पहाड़ियों और वहां प्रचलित लोककथाओं से प्रेरित बताई जा रही है. फिल्म के मेकर्स ने इसकी कहानी को सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं रखा है. फिल्म की दुनिया पर आधारित ‘द लीजेंड ऑफ वन’ नाम की कॉमिक बुक भी पेश की गई है. इसके जरिए दर्शकों को उस फैंटेसी संसार और उससे जुड़ी लोककथाओं से परिचित कराया जा रहा है.
यानी फिल्म में दिखाई देने वाला जंगल सिर्फ बैकग्राउंड नहीं बल्कि कहानी का एक अहम हिस्सा है. लोकविश्वास, रहस्य और प्रकृति मिलकर ‘वन’ की पूरी दुनिया तैयार करते हैं.
25 सितंबर को सिनेमाघरों में आएगी ‘द वन’
बालाजी मोशन पिक्चर्स और TVF के बैनर तले बन रही ‘द वन’ 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की इस फिल्म में रोमांस के साथ मिस्ट्री, ह्यूमर, एडवेंचर और भारतीय लोककथाओं का तड़का देखने को मिलेगा. खास बात यह है कि फिल्म ने बिहार-झारखंड की संस्कृति को केवल एक गाने या कुछ दृश्यों तक सीमित नहीं रखा है. छठ की आस्था से लेकर जंगलों की रहस्यमयी लोककथाओं तक, इसकी पूरी दुनिया में इस क्षेत्र की सांस्कृतिक झलक दिखाई देने वाली है. ऐसे में ‘द वन’ सिर्फ एक फैंटेसी-थ्रिलर नहीं बल्कि भारतीय लोककथाओं और पूर्वांचल की मिट्टी को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में पेश करने वाली फिल्म के तौर पर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा रही है.
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