किसलय शानू
रांची : न्यायालयों की ओर से मुकदमों में तेजी लाने और समन को तामिला कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ई-समन की व्यवस्था लागू की गई है. ई-समन का उद्देश्य कागजी प्रक्रिया को कम करना, समय बचाना और आरोपी या संबंधित व्यक्ति तक न्यायालय का समन जल्द पहुंचाना है. इसके बावजूद यदि समन पुलिस स्तर पर ही लंबित रह जाएं, तो पूरी व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित होता है.
विगत अगस्त माह का आंकड़ा झारखंड में चौंकाने वाला सामने आया है. राज्यभर में न्यायालयों की ओर से पुलिस को भेजे गए हजारों ई-समन में से बड़ी संख्या अब भी लंबित है. स्थिति यह है कि कई जिलों में समन आवंटित तक नहीं किए गए हैं, जबकि जिन जिलों में समन आवंटित हुए हैं, वहां भी तामिला की रफ्तार बेहद धीमी है.
न्यायालय से 6086 समन भेजे गए हैं झारखंड पुलिस के अलग-अलग थानों को
आंकड़ों की मानें तो राज्य में कुल 6086 ई-समन पुलिस को भेजे गए. इनमें से महज 632 समन आवंटित किए गए, जबकि सिर्फ 150 समन ही तामिला हुई है. इसके अलावा 21 समन न्यायालय को वापस किए गए हैं. यानी कुल समन की तुलना में अनुपालन का आंकड़ा बेहद कम है. यही वजह है कि न्यायालयों को कई मामलों में ई-समन के बावजूद दोबारा थानों को समन भेजना पड़ रहा है.
देवघर में 1064 समन, एक भी आवंटित नहीं
राजधानी से महज तीन सौ किलोमीटर दूर देवघर जिले की स्थिति चौंकाने वाली है. यहां पर न्यायालय की ओर से 1064 ई-समन भेजे गए हैं. लेकिन, एक भी समन न तो आवंटित हुआ है और न ही न्यायालय को वापस किया गया है. वहीं, रांची की भी स्थिति देवघर के मुताबिक है. इसके अलावा रामगढ़ में 1219, जमशेदपुर में 442, चाईबासा में 174, कोडरमा में 203 और जामताड़ा में 192 समन भेजे गए, लेकिन इन जिलों में तामिला का आंकड़ा शून्य है.
इससे साफ है कि ई-समन व्यवस्था के जरिए न्यायालय से पुलिस तक सूचना पहुंचने के बावजूद उसे संबंधित अधिकारी या थाने तक पहुंचाकर कार्रवाई कराने में गंभीर समस्या बनी हुई है.
सभी जिलों के एसपी को लिखा गया था पत्र
इसे लेकर जैप डीआइजी सह सीसीटीएनएस के नोडल पदाधिकारी ने रांची, जमशेदपुर और धनबाद एसएसपी के अलावा रेल सहित सभी जिलों के एसपी को पत्र लिखा था.
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नये आपराधिक कानून के तहत कोर्ट से ई-समन निर्गत होने से लेकर उसकी तामिला कराने तक की प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निष्पादित करने का प्रावधान है.
पूर्व में काम को लेकर हुई थी पूरी प्लानिंग
ई-समन एप्लीकेशन को जिला स्तर पर क्रियान्वित करने के लिए जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी को नियुक्त कर उनका यूजर आईडी बनाना है. नोडल पदाधिकारी आगे अपने यूजर आईडी से अपने अधीनस्थ थानों के पदाधिकारियों का यूजर आईडी बनायेंगे.
इसलिए इस प्रक्रिया को क्रियान्वित करने के लिए नोडल पदाधिकारी को नॉमिनेट करने के लिए सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है. इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद न्यायालय से प्राप्त समन को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निष्पादित किया जायेगा.
ई-समन को लेकर राज्यभर का आंकड़ा
| जिला | कुल समन | अलोकेटेड | कम्प्लाइड | रिटर्न बैक |
|---|---|---|---|---|
| बोकारो | 637 | 50 | 05 | 00 |
| चाईबासा | 174 | 00 | 00 | 00 |
| चतरा | 03 | 03 | 02 | 00 |
| सीआईडी | 14 | 00 | 00 | 00 |
| देवघर | 1064 | 00 | 00 | 00 |
| धनबाद | 47 | 41 | 20 | 06 |
| दुमका | 30 | 30 | 03 | 00 |
| गढ़वा | 336 | 288 | 60 | 03 |
| गिरिडीह | 50 | 30 | 10 | 01 |
| गोड्डा | 05 | 00 | 00 | 00 |
| हजारीबाग | 47 | 01 | 01 | 00 |
| जमशेदपुर | 442 | 00 | 00 | 00 |
| जामताड़ा | 192 | 23 | 00 | 00 |
| खूंटी | 288 | 12 | 07 | 07 |
| कोडरमा | 203 | 00 | 00 | 00 |
| लातेहार | 21 | 16 | 10 | 00 |
| लोहरदगा | 16 | 15 | 10 | 00 |
| पाकुड़ | 120 | 39 | 00 | 04 |
| पलामू | 28 | 15 | 07 | 00 |
| रेल जमशेदपुर | 12 | 03 | 03 | 00 |
| रामगढ़ | 1219 | 23 | 00 | 00 |
| रांची | 1066 | 00 | 00 | 00 |
| साहेबगंज | 43 | 36 | 10 | 00 |
| सरायकेला | 04 | 02 | 00 | 00 |
| सिमडेगा | 11 | 02 | 02 | 00 |
| कुल | 6086 | 632 | 150 | 21 |

