कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO में अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दी गई है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद बुधवार 16 सितंबर को इस फैसले की जानकारी दी. यह बदलाव करीब 12 साल बाद किया गया है. सरकार के इस फैसले के तहत नई वेतन सीमा सरकार द्वारा तय आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद से प्रभावी होगी.
2014 में 6,500 से बढ़कर 15 हजार हुई थी सीमा
इससे पहले सितंबर 2014 में EPFO की वेतन सीमा बढ़ाई गई थी. उस समय इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति माह किया गया था. इसके बाद करीब 12 साल तक सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ. अब इसे 10 हजार रुपये बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है.
नई सीमा का सीधा असर उन पात्र कर्मचारियों पर पड़ेगा, जिनकी मासिक सैलरी 15 हजार रुपये से अधिक और 25 हजार रुपये तक है. पहले 15 हजार रुपये की सीमा के कारण ऐसे नए कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज से बाहर रह सकते थे. अब नई सीमा के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों को PF के साथ पेंशन और बीमा से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा.
51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा
केंद्र सरकार के मुताबिक, इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे. EPFO के तहत कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि, पेंशन और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा जैसी योजनाएं चलती हैं. नई वेतन सीमा से इन योजनाओं का दायरा भी बढ़ेगा. इस नई सीमा के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के वेतन से नियमानुसार बेसिक सैलरी का हिस्सा पीएफ के लिए कटेगा और कंपनी की तरफ से भी इसमें योगदान दिया जाएगा.
इस फैसले का वित्तीय असर भी होगा. सरकार के अनुमान के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने से केंद्र सरकार पर हर साल करीब 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. पांच साल में यह अतिरिक्त खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.
25 हजार से ज्यादा वेतन वालों का PF बंद नहीं होगा
वेतन सीमा बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने का मतलब यह नहीं है कि इससे ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों का PF बंद हो जाएगा. 25 हजार रुपये की सीमा अनिवार्य EPFO कवरेज से जुड़ी है. इसका सबसे सीधा लाभ 15 हजार से 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को मिलेगा. हालांकि अनिवार्य अंशदान की इस सीमा को बढ़ाए जाने के साथ ही, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन की गणना को लेकर भी सरकार आने वाले समय में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करेगी.
सरकार के मुताबिक, वेतन और आय में बदलाव तथा औपचारिक रोजगार के विस्तार को देखते हुए यह सीमा बढ़ाई गई है. 12 साल बाद हुए इस बदलाव का उद्देश्य ज्यादा कर्मचारियों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना है.
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