रांची/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है. प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) असीम मंडल उर्फ आकाश ने आत्मसमर्पण कर दिया है. असीम मंडल पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फूलचुक का रहने वाला बताया गया है.
पुलिस के मुताबिक, असीम मंडल पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. इसमें झारखंड में 1 करोड़ रुपये और ओडिशा में 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल था. वह 55 मामलों में वांछित बताया गया है. सुरक्षा एजेंसियों के लिए मंडल का आत्मसमर्पण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल बताया जाता है. अधिकारियों को पूछताछ से संगठन की गतिविधियों और उसके नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है. इधर, असीम मंडल के सरेंडर के बाद झारखंड़ पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल पूछताछ के लिए जायेगी.
महत्वपूर्ण घटनाएं जिसमें सुरक्षा बलों पर हमलों में रहा है नाम
पुलिस के अनुसार असीम मंडल का नाम पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों से जुड़े मामलों में सामने आया है. जिन प्रमुख मामलों में असीम मंडल का नाम है उसमें
1 मार्च 2026: छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोंगा में 209 कोबरा के एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो सुरक्षा कर्मी घायल हुए.
12 अप्रैल 2025: चाईबासा के जराइकेला थाना क्षेत्र के राधापोरा में झारखंड जगुआर के एक जवान की मौत हुई.
11 जनवरी 2023: टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका में 209 कोबरा के नौ जवान घायल हुए.
31 मई 2020: कराईकेला थाना क्षेत्र के जोंवा में एक सुरक्षा कर्मी की मौत हुई.
11 जुलाई 2018: पूर्वी सिंहभूम के एमजीएम थाना क्षेत्र के झाटी पहाड़ी में एक सुरक्षा कर्मी शहीद हुआ.
हथियार और गोला-बारूद की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी
आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसी असीम मंडल से पूछताछ कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ का उद्देश्य नक्सली संगठन द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री के डंप का पता लगाना है.
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