रांची. झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच गई है. ईडी गुरुवार को इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच के तहत दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में चार ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चला रही है. इस मामले में मूल यानी प्रेडिकेट ऑफेंस एनआईए की ओर से दर्ज केस है.
यह कार्रवाई 17 जून 2026 की रात रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़े मामले में हो रही है. पुलिस के मुताबिक दो लोगों ने कार्यालय परिसर में पेट्रोल बम फेंके थे. घटना में किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं थी. सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के कार्यालय के पास पहुंचने और घटना के बाद वहां से भागने की तस्वीरें सामने आई थीं.
एनआईए ने संभाली थी जांच
मामले की जांच बाद में एनआईए ने अपने हाथ में ली. जुलाई 2026 में एनआईए ने इस केस में कई राज्यों में करीब 20 ठिकानों पर तलाशी ली थी. इस दौरान तीन आरोपियों सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजन की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी.
एनआईए की जांच में मामले के कथित नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है. जांच के दौरान एजेंसी ने सितंबर में पटना में भी कार्रवाई की थी.
पटना में एनआईए को मिला था कैश
9 सितंबर को एनआईए ने पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक अपार्टमेंट के दो फ्लैटों में तलाशी ली थी. रिपोर्टों के मुताबिक तलाशी के दौरान करीब 20 लाख रुपये नकद मिले थे और इसकी सूचना आयकर विभाग को दी गई थी. एक फ्लैट का संबंध गोपालगंज निवासी संदीप गुप्ता से बताया गया था, जिन्हें एनआईए ने दिल्ली से हिरासत में लेकर पटना लाया था.
अब ईडी की कार्रवाई को इसी जांच से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल की पड़ताल के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि ईडी की आज की सर्च में किन लोगों या परिसरों को निशाना बनाया गया है और अब तक क्या बरामदगी हुई है, इसकी विस्तृत जानकारी एजेंसी की ओर से सामने आना बाकी है.
चार राज्यों में कार्रवाई
ईडी के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में कुल चार परिसरों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. जांच एजेंसी की कार्रवाई का फोकस एनआईए के मूल केस से जुड़े कथित वित्तीय पहलुओं पर है.
इस कार्रवाई से यह जांचने की कोशिश होगी कि हमले के मामले में सामने आए लोगों तक किसी तरह का पैसा पहुंचा था या नहीं, पैसा किन स्रोतों से आया और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया. इन पहलुओं पर ईडी की तलाशी के बाद सामने आने वाले दस्तावेज और बरामदगी महत्वपूर्ण होंगे.
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