Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»ट्रेंडिंग»इस साल देश में अच्छी बारिश के आसार, ‘अल नीनो’ पड़ रहा कमजोर
    ट्रेंडिंग

    इस साल देश में अच्छी बारिश के आसार, ‘अल नीनो’ पड़ रहा कमजोर

    Team JoharBy Team JoharFebruary 12, 2024No Comments3 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    नई दिल्ली : मौसम विज्ञान विभाग ने बड़ी खुशखबरी दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार भारत में मानसून की अच्छी बारिश देखने को मिलेगी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘अल नीनो’ के असर के चलते ऐसा देखने को मिला. हालांकि आगामी जून तक अल नीनो खत्म हो जाएगा, जिसके चलते इस साल मॉनसून में अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई गई है. दो ग्लोबल क्लाइमेट एंजीसियों ने पिछले हफ्ते इस बात की जानकारी दी थी कि दुनियाभर को प्रभावित करने वाला अल नीनो कमजोर होना शुरू हो गया है और अगस्त के महीने में ला नीना की स्थिति बनने की संभावना है.

    मौसम वैज्ञानिकों ने दी जानकारी

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक डी शिवानंद पई ने बताया कि वर्तमान में हम निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कह सकते हैं. कुछ मॉडल ला नीना का संकेत देते हैं, जबकि कुछ ईएनएसओ-न्यूट्रल स्थितियों की भविष्यवाणी करते हैं. हालांकि, सभी मॉडल अल नीनो के खत्म होने का संकेत दे रहे हैं.

    भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने बताया कि ताजा पूर्वानुमान जून तक ला नीना के संकेत दे रहा है, जिसके परिणामस्वरूप समय पर मॉनसून में अच्छी बारिश हो सकती है.

    अल नीनो पड़ा कमजोर

    इस पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे भारत के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि जून से अगस्त तक ला नीना की स्थिति बनने का मतलब ये हो सकता है कि इस साल मॉनसून की बारिश पिछले साल की तुलना में बेहतर होगी. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव माधवन राजीवन ने बताया कि जून-जुलाई तक ला नीना विकसित होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि अगर अल नीनो ईएनएसओ न्यूट्रल स्थितियों में परिवर्तित हो गया तो भी इस साल मॉनसून पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर होने की उम्मीद है.

    बता दें कि भारत में वार्षिक बारिश का 70 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून से हुई बारिश का होता है, जो कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 14 प्रतिशत है और देश की 1.4 अरब आबादी में से आधे से ज्यादा को रोजगार देता है. संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने पिछले सप्ताह कहा था कि 79 प्रतिशत संभावना है कि अल नीनो अप्रैल-जून तक ईएनएसओ-न्यूट्रल में बदल जाएगा और जून-अगस्त में ला नीना विकसित होने की 55 प्रतिशत संभावना है. यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने पुष्टि की है कि अल नीनो कमजोर पड़ने लगा है और ला नीना अल नीनो का चक्रीय रूप है.

    अमेरिकी राष्ट्रीय भविष्यवक्ता एनओएए ने कहा कि मजबूत अल नीनो घटनाओं के बाद ला नीना की प्रवृत्ति रही है. उन्होंने बताया कि अल नीनो 2024 की पहली छमाही तक जारी रहेगा. विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने पहले बताया था कि यह वर्ष 2023 से अधिक गर्म रहेगा. अगर ला नीनो विकसित होता है तो ये साल 2023 से ज्यादा गर्म नहीं होगा.

    इसे भी पढ़ें: श्रीलंका और मॉरीशस के लिए शुरू हुआ UPI, जानें किसे, कैसे और कितना होगा फायदा

     

     

    City News Current News Daily News El Nino' Good Rain Johar Live Latest news Local News Main News Monsoon News Headline Today's News अच्छी बारिश अल नीनो’ आज की खबर करंट न्यूज जोहार लाइव डेली न्यूज ताजा खबर न्यूज हेडलाइन मानसून मुख्य समाचार लेटेस्ट न्यूज सिटी न्यूज स्थानीय खबर
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleश्रीलंका और मॉरीशस के लिए शुरू हुआ UPI, जानें किसे, कैसे और कितना होगा फायदा
    Next Article महाराष्ट्र में भी हो गया ‘खेला’, कांग्रेस के अशोक चव्हाण ने पार्टी छोड़ी, स्पीकर को भेजा इस्तीफा

    Related Posts

    आदिवासी

    चिता पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, आखिर क्यों उठी ‘मौत या न्याय’ की मांग?

    July 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ा ISRO, क्या खतरे में पड़ जाएगा गगनयान मिशन ?

    July 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    फर्जी बैंक गारंटी से 55 करोड़ भुगतान का आरोप, बाबूलाल ने CM को लिखा पत्र

    July 17, 2026
    क्राइम

    धनबादः नवोदय विद्यालय के छात्र की तीन घंटों तक बेल्ट से पिटाई, हालत गंभीर

    July 17, 2026
    आदिवासी

    केरलम: बिचौलियों से मिली ठोकर, तो आदिवासी किसानों ने बना डाला अपना ब्रांड ‘अंजुनाड’

    July 17, 2026
    देश

    78 साल पहले लिया गया वह ऐतिहासिक फैसला, जिसने बेटियों को दिलाया IAS-IPS बनने का हक

    July 17, 2026
    Latest Posts

    ‘हर किसान तक पहुंचे सरकारी योजना’… कृषि विभाग की समीक्षा में हेमंत सोरेन के बड़े निर्देश

    July 17, 2026

    अपहरण, फिरौती और धमकी… 12 घंटे में रांची पुलिस ने रेस्क्यू की 5 साल की बच्ची

    July 17, 2026

    विश्व कप में झारखंड का चौका, सलीमा कप्तान, टीम इंडिया में 4 बेटियां

    July 17, 2026

    चिता पर लेटीं आदिवासी महिलाएं, आखिर क्यों उठी ‘मौत या न्याय’ की मांग?

    July 17, 2026

    100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ा ISRO, क्या खतरे में पड़ जाएगा गगनयान मिशन ?

    July 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.