Saharsa (Bihar): क्या इंसानियत मर चुकी है? सहरसा की सड़कों पर रविवार को जो मंजर दिखा, वह किसी का भी दिल दहला देने के लिए काफी है। एक तेज रफ्तार महिंद्रा स्कॉर्पियो सड़क पर काल बनकर दौड़ी और मोटरसाइकिल सवार एक दंपति को बुरी तरह रौंद दिया। युवक सड़क पर खून से लथपथ होकर मौत से जंग लड़ रहा था, लेकिन वहाँ मौजूद भीड़ की संवेदनहीनता ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
तड़पता रहा युवक लोग बनाते रहे रील
हादसे के बाद वहाँ लोगों का हुजूम जमा हो गया, लेकिन किसी ने उस तड़पते हुए युवक को अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। लोग तमाशबीन बने रहे और मोबाइल निकालकर घटना का वीडियो और रील बनाने में व्यस्त हो गए। ऐसा लग रहा था कि किसी की जान से ज्यादा उनके लिए ‘सोशल मीडिया पर लाइक्स’ जरूरी थे।
देवदूत बना व्यक्ति बचाई युवक की जान
जब चारों तरफ बेरुखी का माहौल था, तब एक व्यक्ति ने अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया । घटनास्थल पर भीड़ से ही एक व्यक्ति ने तड़पते युवक को अपनी निजी गाड़ी में डाला और सीधे अस्पताल की ओर दौड़े। अगर कुछ मिनटों की और देरी होती, तो शायद युवक की जान नहीं बचती। घटना के बाद आरोपी स्कॉर्पियो ड्राइवर फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। लेकिन सवाल यह है – क्या हम समाज के तौर पर इतने गिर चुके हैं कि सड़क पर तड़पते इंसान को छोड़कर वीडियो बनाना हमारी प्राथमिकता बन गई है?
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