Muzaffarpur : बिहार के मुजफ्फरपुर में वायु प्रदूषण इस साल का सबसे खतरनाक स्तर छू गया है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 से ऊपर पहुंच गया है, जो ‘अति गंभीर’ श्रेणी से भी अधिक है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, यह स्तर देर रात और सुबह के समय सबसे ज्यादा दर्ज हुआ।
शहर के प्रमुख इलाकों में प्रदूषण
- समाहरणालय क्षेत्र : AQI 540
- अतरदाह : 539
- MIT : 529
- बुद्धा कॉलोनी : 549
- ओवरऑल शहर औसत : 520
ये आंकड़े PM2.5 और PM10 कणों की भारी मात्रा को दर्शाते हैं, जो निर्माण कार्य, वाहनों के धुएं, धूल-मिट्टी और तापमान अंतर की वजह से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में सूजन और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
- घर से बाहर न निकलें और खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें।
- एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- अगर बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क पहनें।
- अस्थमा या सांस रोगियों को दवाइयां समय पर लें, भाप लें और ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
- धूम्रपान से दूर रहें और स्वच्छ हवा वाले कमरे में रहें।
प्रशासनिक कदम
- नगर निगम ने पानी छिड़काव और धूल नियंत्रण शुरू कर दिया है।
- जिला प्रशासन और नगर निगम अलर्ट मोड में हैं।
- विशेषज्ञ वृक्षारोपण और वाहन उत्सर्जन नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।
सर्दी के मौसम में मुजफ्फरपुर का यह रिकॉर्ड स्तर बिहार के अन्य शहरों के लिए चेतावनी है। नागरिकों से अपील है कि वे सावधानी बरतें और स्वास्थ्य जोखिम से बचें।


