Patna : बिहार सरकार कल यानी 3 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। यह नई नीतीश सरकार का पहला बजट होगा और पूरे राज्य की निगाहें इस पर टिकी हैं। चुनावी वादों और आर्थिक दबावों के बीच तैयार यह बजट रोजगार, महिलाओं, किसानों, शिक्षा और आधारभूत संरचना पर जोर देगा।
बजट का आकार और विकास लक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक, इस बार बजट का अनुमानित आकार 3.70 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो पिछले साल के मुकाबले 50 हजार करोड़ रुपए अधिक है। सरकार का लक्ष्य पिछले साल के लगभग 13% बजट वृद्धि की रफ्तार को बनाए रखना है।
रोजगार और उद्योग पर जोर
बजट में सबसे अहम फोकस नौकरी और रोजगार पर रहेगा। सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखती है, जिसमें पहले साल करीब 20 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं और लगभग 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
सड़क और कनेक्टिविटी
सड़क और कनेक्टिविटी मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। 5 नए एक्सप्रेस-वे, ग्रामीण सड़कें और हाईवे, पुल-पुलिया आदि के लिए करीब 1.45 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान हो सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के किसी भी कोने से पटना तक पांच घंटे से कम समय में पहुंचा जा सके।
कृषि और निजी निवेश
बजट में कृषि और उद्योगों में निवेश बढ़ाने पर जोर रहेगा। मखाना, डेयरी और ‘हर खेत को पानी’ जैसी योजनाओं से किसानों की आमदनी बढ़ाई जाएगी। निजी निवेश और IT/मल्टीनेशनल कंपनियों को आकर्षित करने के लिए बिहार वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2026 लागू की जाएगी।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण
शिक्षा विभाग का बजट लगभग 70 हजार करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो पिछले साल से 10 हजार करोड़ अधिक है। उच्च शिक्षा का बजट भी दोगुना किया जा सकता है। टीआरई-4 के तहत 27 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है। सात निश्चय-3 योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को 2-2 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग को करीब 17,000 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है।
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