Patna : बिहार में नई सरकार ने ‘जनता राज’ स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि अब राज्य में अफसर या नेता नहीं, बल्कि जनता का राज चलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता को परेशान करने की मानसिकता खत्म करनी होगी, वरना कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों की समस्याओं को दूर करना और उनके चेहरे पर खुशी लाना है।
सीएम ने कहा कि अब काम में देरी या टालमटोल नहीं चलेगा। जनता की सेवा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा। 30 अप्रैल को हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्राइम, करप्शन और सांप्रदायिकता पर किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रोजाना सुबह 10 बजे से 1 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने का निर्देश दिया है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया है। महिला और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने ‘पुलिस दीदी’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शराबबंदी को सख्ती से लागू करने और अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है।
सीएम ने यह भी कहा कि ब्लॉक, अंचल और थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और इनकी लगातार निगरानी की जाएगी। साथ ही अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मरीजों को बार-बार रेफर करने की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए और इलाज की सुविधा जिला और अनुमंडल स्तर पर ही मजबूत की जाए।
इसके अलावा सभी जिलों में औद्योगिक कॉरिडोर बनाने, मॉडल स्कूल विकसित करने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना पर भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों को बिहार की विरासत और इतिहास से जोड़ने के लिए ‘बिहार दर्शन’ के तहत दो दिन की छुट्टी देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
सरकार ने पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाने का फैसला किया है, जहां हर महीने लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसकी शुरुआत 19 मई से होगी और मुख्यमंत्री खुद राज्य स्तरीय शिविर में शामिल होंगे। सरकार का दावा है कि इन सभी कदमों से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता की समस्याओं का तेजी से समाधान होगा।
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