NEET पेपर लीक मामले पर लंबे समय तक चुप रहने को लेकर उठ रहे सवालों का राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अब जवाब दिया है. संसद के मानसून सत्र के दौरान एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा करते हुए चड्ढा ने बताया कि आखिर उन्होंने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर पहले खुलकर बयान क्यों नहीं दिया.
राघव चड्ढा ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए उनकी जिम्मेदारी सरकार से सवाल पूछने और जनता के मुद्दे उठाने की थी. लेकिन अब उनकी भूमिका बदल गई है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष में होने के बाद उनकी जिम्मेदारी सिर्फ सवाल उठाना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान निकालना है.
‘अब मेरी जिम्मेदारी सवाल पूछना नहीं, समाधान देना है’
राज्यसभा में बोलते हुए चड्ढा ने कहा कि कई लोगों ने उनसे पूछा कि उन्होंने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर आवाज क्यों नहीं उठाई. उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद से तय किया था कि इस मामले पर संसद में तभी बोलेंगे, जब सरकार समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगी.
उन्होंने कहा,
“पहले, जब मैं विपक्ष में था, तो सवाल उठाना मेरा काम था और मैंने इसे ईमानदारी से किया. अब मैं सत्ता पक्ष में हूं, इसलिए मेरी भूमिका बदल गई है. मेरी जिम्मेदारी अब सवाल पूछना नहीं, बल्कि समाधान देना है.”
चड्ढा ने कहा कि उन्हें सिर्फ मीडिया में बयान देकर सुर्खियां बटोरने में दिलचस्पी नहीं है. उनका मकसद ऐसा समाधान लाना है, जिससे परीक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव हो.
राघव चड्ढा ने NEET की तैयारी करने वाले छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि छात्रों की नाराजगी और उनका दर्द पूरी तरह जायज है. उन्होंने कहा कि NEET की तैयारी करने वाला छात्र सिर्फ एक परीक्षा नहीं देता, बल्कि अपने बेहतर भविष्य के लिए सालों तक मेहनत करता है. कई छात्र कोटा और दिल्ली जैसे शहरों में जाकर पढ़ाई करते हैं. उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता है और उनके माता-पिता को कोचिंग, रहने और पढ़ाई का खर्च उठाना पड़ता है. चड्ढा ने कहा, “आपका गुस्सा जायज है. आपकी भावनाएं जायज हैं. आपका दर्द जायज है.”
NEET पेपर लीक मामले की जांच का जिक्र करते हुए राघव चड्ढा ने सरकार की कार्रवाई को भी गिनाया. उन्होंने कहा कि जांच में तेजी लाई गई और करीब 75 दिनों के भीतर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई. चड्ढा ने कहा कि जांच को बेवजह लंबा नहीं खींचा गया. उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपनी चिंताएं रखीं और सरकार ने उनकी बात सुनी. उन्होंने कहा कि इसके बाद पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए व्यापक कानूनी और संस्थागत व्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम उठाए गए.
राज्यसभा में राघव चड्ढा बोले- सवाल मेरा हथियार था, अब समाधान मेरी जिम्मेदारी
राज्यसभा में neet पेपर लीक पर चर्चा के दौरान bjp सांसद राघव चड्ढा ने कहा, ‘जब मैं विपक्ष में था, सवाल मेरा हथियार था. आज मैं ट्रेजरी बेंच पर हूं, इसलिए समाधान देना मेरी जिम्मेदारी है.’ उन्होंने कहा कि… pic.twitter.com/ihYcR4BtgR
— zingabad (@zingabad) July 31, 2026
‘पेपर लीक एक पुरानी बीमारी है’
चड्ढा ने पेपर लीक की समस्या को किसी एक सरकार या राजनीतिक दल से जोड़ने से भी इनकार किया. उन्होंने इसे एक पुरानी बीमारी बताया. उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि पेपर लीक किस राज्य में हुआ, उस समय कौन मंत्री था या किस राजनीतिक दल की सरकार थी. परीक्षा में गड़बड़ी कहीं भी हो, जवाबदेही तय होनी चाहिए.
चड्ढा ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक फायदे और नुकसान से ऊपर उठकर सोचना होगा. मेहनत करने वाले छात्रों को भरोसा होना चाहिए कि उन्हें अपनी मेहनत का ईमानदार परिणाम मिलेगा.
पंजाब फार्मेसी भर्ती परीक्षा, कर्नाटक SSLC पेपर लीक का भी उठाया मुद्दा
NEET पेपर लीक पर बोलते हुए राघव चड्ढा ने अपनी पूर्व पार्टी आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने 19 जुलाई को पंजाब में हुई फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. चड्ढा ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान कुछ उम्मीदवारों को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने की कोशिश की गई. उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नकल कराने के लिए उम्मीदवारों से प्रति व्यक्ति 13 लाख रुपये तक वसूले गए. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच और पुष्टि की स्थिति अलग से स्पष्ट की जानी बाकी है.
राघव चड्ढा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने जनवरी में सामने आए SSLC पेपर लीक मामले का जिक्र किया. चड्ढा के मुताबिक, कथित तौर पर उम्मीदवारों को पैसे लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे. उन्होंने कहा कि पेपर लीक को किसी एक राजनीतिक दल की समस्या बताना सही नहीं होगा. उनका कहना था कि देश की परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना होगा.
चड्ढा ने कहा कि भविष्य में NEET जैसी परीक्षाओं को OMR शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित सिस्टम से कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, किसी विशेष परीक्षा में बदलाव कब से लागू होगा, इसकी अंतिम जानकारी संबंधित परीक्षा एजेंसी की आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी.
एंटी-पेपर लीक बिल को बताया बड़ा कदम
राघव चड्ढा ने पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक से निपटने के लिए पहली बार एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है. यह बिल बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा में पारित हुआ. दोनों सदनों में विपक्ष की नारेबाजी और विरोध के बीच बिल को ध्वनि मत से पास किया गया. चड्ढा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि परीक्षा व्यवस्था में छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा वापस लाने के लिए पेपर लीक के खिलाफ मजबूत व्यवस्था का समर्थन किया जाए.
अपने भाषण के दौरान चड्ढा ने कहा कि हर युवा को उसकी मेहनत का ईमानदार मौका मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो छात्र सालों तक किसी परीक्षा की तैयारी करता है, उसके भविष्य के साथ पेपर लीक जैसी घटनाओं के जरिए खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब जरूरत सिर्फ पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करने की नहीं है. जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिससे पेपर लीक की घटनाओं को पहले ही रोका जा सके. राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों ने अपनी बात सरकार तक पहुंचाई है और अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उस भरोसे पर खरी उतरे.
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