पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पूर्व बर्धमान जिले से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी के पास से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों, कार्यक्रमों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मिली है. इसके बाद जांच एजेंसियों को शक है कि यह जानकारी किसी संभावित हमले की तैयारी के लिए जुटाई जा रही थी.
STF के मुताबिक, गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान हामिद मंडल के रूप में हुई है. उसे बर्दवान के रेनेसां हाउसिंग परिसर में स्थित एक किराए के फ्लैट से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पिछले दो-तीन महीनों से कथित तौर पर रह रहा था. बताया जा रहा है कि उसके साथ उसकी पत्नी, एक बेटी और दो बेटे भी रहते थे.
शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों और सुरक्षा की जानकारी मिलने का दावा
STF के अनुसार, हामिद मंडल के पास से शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों, उनके कार्यक्रमों और वीआईपी यात्राओं से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं. जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन जानकारियों का इस्तेमाल किसी संभावित हमले की योजना बनाने के लिए किया जा सकता था. हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की कोई ठोस योजना कब और कैसे तैयार की गई थी.
पुलिस का यह भी दावा है कि हामिद मंडल जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हामिद सज्जाद भट समूह के संपर्क में था. एजेंसियां अब इस कनेक्शन की गहराई की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था.
पाकिस्तान कनेक्शन और बड़े नेटवर्क की जांच
STF और राज्य पुलिस अब संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रही हैं. जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि उसके संपर्कों और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके. यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी का किसी विदेशी आतंकी नेटवर्क या पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के किसी मॉड्यूल से संपर्क था.
पूछताछ में एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी जानकारी आरोपी ने खुद जुटाई थी या उसे किसी अन्य व्यक्ति या आतंकी नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराया गया था.
फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं. पुलिस के दावों के आधार पर अधिकारी को निशाना बनाने की साजिश की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इस साजिश की पूरी तस्वीर और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी.
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