विजय उरांव
केंद्र सरकार आदिवासी कला, संस्कृति, भाषाओं और पारंपरिक ज्ञान को डिजिटल रूप से संरक्षित करने के लिए TribeX पहल को आगे बढ़ा रही है. केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 29 जुलाई 2026 को राज्यसभा में (सवाल 1264) बताया कि इसका उद्देश्य आदिवासी कला, भाषाओं, सांस्कृतिक परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का दस्तावेजीकरण, संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना है.
Adi Sanskriti का विस्तारित रूप है TribeX
TribeX की पहल पहले Adi Sanskriti के नाम से शुरू की गई थी, जिसे अब TribeX के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. Adi Sanskriti परियोजना के लिए सरकार ने 2.46 करोड़ रुपये मंजूर किए थे और उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार दिसंबर 2025 तक 65.84 लाख रुपये खर्च हुए थे. अब TribeX के तहत इस पहल का दायरा बढ़ाया जा रहा है.
विश्वविद्यालय के साथ MoU, चरणबद्ध तरीके से बनेंगे कोर्स
सरकार ने बताया कि TribeX के क्रियान्वयन के लिए 15 जुलाई 2026 को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के साथ MoU किया गया है. पाठ्यक्रमों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा और इसमें विभिन्न राज्यों के जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRIs) ज्ञान सहयोगी की भूमिका निभाएंगे.
TribeX के तहत आदिवासी भाषाओं, पारंपरिक ज्ञान, कला, वस्त्र और अन्य विषयों पर UGC-recognised एक वर्षीय हाइब्रिड पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम विकसित करने की योजना है. सरकार ने हालांकि 100 से अधिक पाठ्यक्रमों को पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट नहीं की है.
Adi Vaani से मौखिक परंपराओं का संरक्षण
मंत्रालय ने बताया कि TribeX और Adi Vaani के जरिए कमजोर पड़ रही आदिवासी विरासत और मौखिक परंपराओं का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा रहा है. वहीं, आदिवासी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए TRIFED और NSTFDC के जरिए योजनाएं चल रही हैं.
PMJVM के तहत Van Dhan Vikas Kendras के जरिए लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन, MSP पर खरीद और आदिवासी उत्पादों की मार्केटिंग में सहायता दी जाती है. NSTFDC रियायती ऋण उपलब्ध कराता है, जबकि VCF-ST के जरिए आदिवासी कारोबार और स्टार्टअप को वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था है.
TribeX के जरिए सरकार आदिवासी विरासत को डिजिटल रूप से संरक्षित करने के साथ उसे शिक्षा और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है. अब 100 से अधिक पाठ्यक्रमों और विश्वविद्यालय स्तर के कार्यक्रमों के विस्तार के साथ इसके लिए आगे होने वाले निवेश और क्रियान्वयन पर नजर रहेगी.

