बोकारो: झारखंड के चंद्रपुरा में बिजली उत्पादन का बड़ा विस्तार होने जा रहा है. मौजूदा चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन परिसर में 1,600 मेगावाट क्षमता का नया थर्मल पावर प्लांट लगाने की परियोजना अब आगे बढ़ गई है. दामोदर घाटी निगम (DVC) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के संयुक्त उपक्रम ने इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 30 सितंबर 2026 को लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ लिमिटेड नोटिस टू प्रोसीड (LNTP) समझौता किया है.
इस समझौते के साथ L&T को नए प्लांट के मुख्य प्लांट पैकेज की जिम्मेदारी मिल गई है. परियोजना के तहत 800-800 मेगावाट की दो नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके पूरा होने पर चंद्रपुरा में 1,600 मेगावाट की नई बिजली उत्पादन क्षमता जुड़ जाएगी.
लगेंगी 800 मेगावाट की दो अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाइंया
नया प्लांट मौजूदा चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन परिसर में ही बनाया जाएगा. इसे ब्राउनफील्ड परियोजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है. यहां 800-800 मेगावाट की दो अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाइयां लगेंगी.
L&T बॉयलर, स्टीम टर्बाइन, जनरेटर और इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर जैसे प्रमुख उपकरणों का डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति और स्थापना करेगा. मुख्य प्लांट से जुड़े कमीशनिंग का काम भी इसी पैकेज में शामिल है.
अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक में ज्यादा तापमान और दबाव पर भाप का इस्तेमाल किया जाता है. इससे ईंधन की खपत के मुकाबले बिजली उत्पादन की दक्षता बढ़ाने और प्रति यूनिट उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले पर्यावरणीय मंजूरी समेत जरूरी वैधानिक अनुमतियां हासिल करनी होंगी.
2031-32 तक शुरू हो सकता है बिजली उत्पादन
परियोजना के लिए कोयले की आपूर्ति सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) करेगा. CCL, कोल इंडिया की झारखंड स्थित सहायक कंपनी है. परियोजना में मौजूदा चंद्रपुरा प्लांट के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल भी किया जाएगा.

प्लांट पूरा होने के बाद झारखंड और आसपास के क्षेत्रों की बिजली उत्पादन क्षमता में 1,600 मेगावाट का इजाफा होगा. वाणिज्यिक बिजली उत्पादन वित्तीय वर्ष 2031-32 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
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