कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कोलकाता में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 ठिकानों पर छापेमारी और जब्ती की है. यह कार्रवाई ‘मासआर्ट’ (Mahanirban Road Mass Art) सोसाइटी द्वारा दुर्गा पूजा ‘प्रीव्यू शो’ के आयोजन में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई है. इस मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्य मंत्री इंद्रनील सेन और अन्य सहयोगियों के आवासीय तथा कार्यालय परिसर निशाने पर रहे हैं.
घोटालों के मुख्य बिंदु:
यूनेस्को के नाम का गलत इस्तेमाल: आरोपियों ने 2022 से 2025 के बीच खुद को यूनेस्को-प्रायोजित संस्था बताकर जनता से भारी मात्रा में धन वसूला और उसका निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया.
टिकटों की कमर्शियल बिक्री: कोलकाता के 24 चुनिंदा दुर्गा पूजा पंडालों में ‘प्रीव्यू शो’ के लिए आम जनता से 1,749 से 5,5549 रुपये तक के टिकट बेचे गए. अकेले 2023 और 2024 के दौरान एक लाख से अधिक टिकट जारी किए गए और पैसे को फर्जी खर्च दिखाकर या नकद निकालकर हड़प लिया गया.
पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के टेंडर में गड़बड़ी: जांच में यह भी सामने आया है कि इंद्रनील सेन के मंत्री कार्यकाल के दौरान, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय से 85 करोड़ रुपये से अधिक के कई टेंडर उनके करीबी माने जाने वाले ध्रुवज्योति बोस और दिपेश रॉय के स्वामित्व वाली संस्थाओं को दिए गए.
ममता बनर्जी को रॉयल्टी भुगतान का दावा: जांच के अनुसार, इंद्रनील सेन और उनकी स्वामित्व वाली कंपनी ‘M/s ऑक्टेव रिकॉर्ड्स’ के बैंक खातों में 3.8 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए. इसके अलावा, ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के खाते से बैंकिंग चैनलों के माध्यम से पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगभग 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए, जिसे इंद्रनील सेन ने रॉयल्टी के रूप में भुगतान किया जाना बताया है.
इस मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत बोबाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर (भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत) के आधार पर ED ने अपनी जांच तेज कर दी है. छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक डिजिटल उपकरण और दस्तावेजी साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, और मामले में आगे की जांच जारी है.
ममता बनर्जी को हेडिंग में कर सकते हैं.

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