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    Home»ट्रेंडिंग»अली रजा अराफी बने ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर, जानें उनके बारे में
    ट्रेंडिंग

    अली रजा अराफी बने ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर, जानें उनके बारे में

    Team JoharBy Team JoharMarch 2, 2026Updated:March 2, 2026No Comments2 Mins Read4
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    New Delhi : मिडिल ईस्ट में जारी जंग जैसे हालात के बीच ईरान की सियासत में बड़ा बदलाव सामने आया है। इजरायली हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबरों के बाद अब अली रजा अराफी का नाम अंतरिम सुप्रीम लीडर के तौर पर घोषित किया गया है। ईरान में सुप्रीम लीडर सिर्फ एक धार्मिक पद नहीं होता, बल्कि वही देश की असली ताकत माना जाता है। ऐसे में यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।

    आखिर कौन हैं अली रजा अराफी?

    अली रजा अराफी धार्मिक दुनिया का बड़ा नाम माने जाते हैं। वे पहले अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे शियाओं के पवित्र शहर कोम में शुक्रवार की नमाज के इमाम भी रहे हैं। अराफी लंबे समय तक देशभर की इस्लामिक सेमिनारियों के प्रमुख पद पर भी रहे। यही वजह है कि ईरान के शिया धार्मिक ढांचे में उनकी गहरी पकड़ और खास सम्मान रहा है।

    कैसे चुना जाता है सुप्रीम लीडर?

    ईरान की संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक सुप्रीम लीडर का चुनाव विशेषज्ञों की सभा करती है। वहीं गार्जियन काउंसिल उम्मीदवार की पात्रता और भूमिका पर नजर रखती है। एक बार जिसे सुप्रीम लीडर चुना जाता है, उसे ‘अयातुल्लाह’ की उपाधि मिलती है और यह पद आमतौर पर जीवनभर के लिए होता है। अराफी इन दोनों ही अहम संस्थाओं के सदस्य रह चुके हैं, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।

    क्यों आगे रहे अराफी?

    हमले में खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत की खबरों के बाद उत्तराधिकारी की दौड़ तेज हो गई थी। ऐसे में अराफी का नाम सबसे आगे माना गया। धार्मिक संस्थाओं में मजबूत पकड़, राजनीतिक अनुभव और गार्जियन काउंसिल से करीबी रिश्तों के चलते उन्हें अंतरिम सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया है। हालांकि अंतिम फैसला अभी औपचारिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

    क्या अंतरिम ही बन जाएंगे स्थायी?

    ईरान की परंपरा पर नजर डालें तो कई बार अंतरिम पद संभालने वाला ही बाद में स्थायी सुप्रीम लीडर बन जाता है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो अराफी ही देश के नए सर्वेसर्वा बन सकते हैं।

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