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    Home»जोहार ब्रेकिंग»टीएमसी ने गंवाई दो संसदीय समितियों की अध्यक्षता, एक बीजेपी और दूसरी बागी गुट के पास
    जोहार ब्रेकिंग

    टीएमसी ने गंवाई दो संसदीय समितियों की अध्यक्षता, एक बीजेपी और दूसरी बागी गुट के पास

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkOctober 3, 2026Updated:October 4, 2026No Comments3 Mins Read6
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    संसद की विभाग-संबंधी स्थायी समितियों के नए सिरे से गठन में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के पास 2024 से मौजूद दो अहम संसदीय समितियों की अध्यक्षता अब उसके पास नहीं रही. वाणिज्य संबंधी स्थायी समिति की अध्यक्षता भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी को दी गई है, जबकि रसायन एवं उर्वरक संबंधी समिति की अध्यक्षता टीएमसी से अलग हुए सांसदों के गुट की काकोलि घोष दस्तीदार को मिली है.

    साल 2024 में टीएमसी को दो समितियों की अध्यक्षता मिली थी. राज्यसभा सांसद डोला सेन वाणिज्य संबंधी समिति की अध्यक्ष थीं, जबकि लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद रसायन एवं उर्वरक संबंधी समिति के अध्यक्ष थे. नए पुनर्गठन में दोनों पद बदल दिए गए हैं.

    एक अध्यक्षता बीजेपी के पास, दूसरी बागी गुट के पास

    वाणिज्य संबंधी समिति में डोला सेन की जगह भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी को अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं रसायन एवं उर्वरक संबंधी समिति में कीर्ति आजाद की जगह काकोलि घोष दस्तीदार को जिम्मेदारी दी गई है.

    काकोलि घोष दस्तीदार उन 20 लोकसभा सांसदों के समूह में शामिल हैं, जिन्होंने टीएमसी से अलग होने और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ जाने का दावा किया है. इस समूह के अलग होने को लेकर टीएमसी और सांसदों के बीच विवाद चल रहा है.

    20 सांसदों की सदस्यता का मामला अभी लंबित

    टीएमसी ने इन सांसदों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता की मांग की है. पार्टी का कहना है कि सांसदों ने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है. दूसरी ओर, बागी सांसदों का दावा है कि उनका NCPI में विलय संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत वैध है.

    इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अयोग्यता याचिकाएं लंबित हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है. इसलिए अभी यह अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है कि इन 20 सांसदों की संसदीय स्थिति क्या होगी.

    समिति अध्यक्ष बदलने का क्या मतलब

    विभाग-संबंधी स्थायी समितियां संबंधित मंत्रालयों के कामकाज, बजट, विधेयकों और नीतियों की संसदीय समीक्षा करती हैं. ऐसे में समिति के अध्यक्ष के पास समिति की बैठकों और मंत्रालयों से जुड़े संसदीय परीक्षण की प्रक्रिया को नेतृत्व देने की जिम्मेदारी होती है.

    नए पुनर्गठन में अधिकांश समितियों के अध्यक्षों को बरकरार रखा गया है. ऐसे में टीएमसी की दोनों अध्यक्षताएं बदलना खास तौर पर महत्वपूर्ण है. खासकर रसायन एवं उर्वरक समिति की अध्यक्षता का काकोलि घोष दस्तीदार को मिलना टीएमसी के 20 सांसदों के टूटने के विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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    TMC टीएमसी
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