विजय उरांव
साल 1982 के बाद का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो चुका है. 2 अक्टूबर को भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत लिया है और साथ ही लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधा कोटा भी हासिल कर लिया है. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं.
झारखंड सरकार की खेल नीति के तहत एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली प्रत्येक खिलाड़ी को 40 लाख रुपये (कुल 1.60 करोड़ रुपये) का नकद पुरस्कार मिलना है. हालांकि दूसरी ओर, तमिलनाडु सरकार अपने राज्य के खिलाड़ियों को ऐसे मुकाबलों में 75 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है. जिससे यह सवाल भी उठ रहा है कि हॉकी की इस ‘फैक्ट्री’ से निकलने वाली जांबाज बेटियों का इनाम थोड़ा और बड़ा क्यों नहीं होना चाहिए.
इस ऐतिहासिक टीम में झारखंड की चार खिलाड़ी शामिल थीं. कप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग ने एशियन गेम्स गोल्ड जीता है. हॉकी इंडिया की टीम सूची के अनुसार सलीमा और निक्की मिडफील्ड में, दीपिका सोरेंग मिडफील्ड में और ब्यूटी डुंगडुंग फॉरवर्ड लाइन में थीं.
लेकिन इन चारों की कहानी सिर्फ इस एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है. चारों अलग-अलग दौर से गुजरते हुए भारतीय महिला हॉकी टीम तक पहुंची हैं और अभी भी अंतरराष्ट्रीय हॉकी में सक्रिय हैं.
सलीमा टेटे: कप्तान बनकर एशिया की चैंपियन
सिमडेगा की सलीमा टेटे ने इस बार सिर्फ टीम के साथ गोल्ड नहीं जीता, बल्कि भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी करते हुए यह उपलब्धि हासिल की. हॉकी इंडिया के रिकॉर्ड में सलीमा के नाम 161 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच हैं. वह फिलहाल रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड से जुड़ी हैं और हॉकी झारखंड का प्रतिनिधित्व करती हैं.
सलीमा 2016 में सीनीयर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में आई. साल 2018 यूथ ओलंपिक में उन्होंने रजत पदक जीता. सलीमा 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रही थीं, जहां भारत चौथे स्थान पर रहा था. साल 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं. साल 2022 FIH नेशन्स कप, 2023 रांची एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी और 2024 राजगीर एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी में भारत के स्वर्ण पदक अभियान में भी वह शामिल रहीं.
व्यक्तिगत उपलब्धियों में सलीमा को 2021 में हॉकी इंडिया असुंता लकड़ा अवार्ड, 2023 में हॉकी इंडिया प्लेयर ऑफ द ईयर और 2024 में अर्जुन पुरस्कार मिला. अब उनके रिकॉर्ड में एशियन गेम्स का स्वर्ण और भारतीय टीम की कप्तानी भी जुड़ गई है.
निक्की प्रधान: दो ओलंपिक खेल चुकीं, अब एशियन चैंपियन
खूंटी की निक्की प्रधान झारखंड की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में हैं. वह 2016 रियो और 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. हॉकी इंडिया के ताजा रिकॉर्ड में उनके नाम 213 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच हैं. वह रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड और हॉकी झारखंड से जुड़ी हैं.
निक्की 2018 एशियन गेम्स में रजत और 2022 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं. साल 2017 के एशियन कप और 2016 के एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता. साल 2023 में रांची में हुए एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी में भी वह गोल्ड जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं.
अब 2026 का एशियन गेम्स गोल्ड उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है. खास बात यह है कि वह अभी भी भारतीय टीम के अनुभवी कोर का हिस्सा हैं. एशियन गेम्स की टीम घोषित करते समय हॉकी इंडिया ने उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल किया था.
ब्यूटी डुंगडुंग: नौकरी से परिवार संभालने के साथ भारतीय टीम में वापसी
सिमडेगा की ब्यूटी डुंगडुंग की कहानी बाकी तीन खिलाड़ियों से कुछ अलग है. वह इंडियन ऑयल में नौकरी करती हैं और इसी नौकरी से अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी संभालती हैं.
साल 2023 में घुटने की गंभीर चोट के बाद उन्हें करीब दो साल तक वापसी के लिए संघर्ष करना पड़ा. इसी दौरान उनके पिता का निधन भी हो गया. चोट से उबरने के बाद उन्होंने दोबारा भारतीय टीम में वापसी की और 2026 में राष्ट्रीय शिविर तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलती रहीं.
ब्यूटी 2021 जूनियर विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा थीं. साल 2022 नेशन्स कप में भारत के स्वर्ण पदक अभियान में खेलीं और 2024 एशियन चैंपियन्स ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं. साल 2026 में वह भारतीय सीनियर टीम की फॉरवर्ड लाइन में बनी हुई हैं. एशियन गेम्स की 20 सदस्यीय टीम में भी उन्हें फॉरवर्ड के रूप में चुना गया था.
दीपिका सोरेंग: जूनियर एशिया की गोल्डन स्टार से सीनियर एशियन चैंपियन
सिमडेगा की दीपिका सोरेंग अभी भारतीय महिला हॉकी की युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में हैं. वह रेलवे स्पोर्ट्स प्रोमोशन बोर्ड और हॉकी झारखंड से जुड़ी हैं. हॉकी इंडिया के अनुसार उन्होंने 2024 में सीनियर भारतीय टीम में पदार्पण किया और एशियन गेम्स 2026 की टीम में उनके नाम 12 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच थे.
दीपिका ने 2023 वीमेंस जुनियर एशिया कप में भारत को स्वर्ण दिलाने वाली टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस टूर्नामेंट में उन्होंने छह मैचों में सात गोल किए थे और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं. इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें 2023 का हॉकी इंडिया असुंता लकड़ा अवार्ड फॉर अपकमिंग प्लेयर ऑफ द ईयर मिला.
साल 2023 जुनियर वर्ल्ड कप और 2024 Hockey5s वर्ल्ड कप में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया. Hockey5s वर्ल्ड कप में भारत ने रजत पदक जीता. अब 2026 में वह सीनियर भारतीय टीम के साथ एशियन गेम्स गोल्ड जीत चुकी हैं.
चार खिलाड़ी, दो जिले और 1.60 करोड़ का पुरस्कार
एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम में झारखंड की चार खिलाड़ियों की मौजूदगी राज्य के लिए भी बड़ी उपलब्धि है. तीन खिलाड़ी सिमडेगा से हैं और एक खूंटी से. सलीमा टेटे टीम की कप्तान हैं, निक्की प्रधान 213 अंतरराष्ट्रीय मैचों के अनुभव के साथ टीम में हैं, जबकि ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सीनियर टीम में अपनी जगह मजबूत कर रही हैं.
झारखंड की खेल नीति के अनुसार एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिए 40 लाख रुपये का पुरस्कार है. टीम स्पर्धा के खिलाड़ियों को भी प्रति खिलाड़ी यह राशि मिलने का प्रावधान है. इसलिए चारों खिलाड़ियों के लिए कुल राशि 1.60 करोड़ रुपये होगी.
एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्यों की ओर से मिलने वाली पुरस्कार राशि इस बार फिर चर्चा में है. तमिलनाडु की ओर से 2026 एशियन गेम्स के दौरान गोल्ड मेडल पर 75 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है. इस लिहाज से झारखंड की नीति में एशियन गेम्स गोल्ड के लिए निर्धारित 40 लाख रुपये और तमिलनाडु में घोषित 75 लाख रुपये के बीच 35 लाख रुपये का अंतर है.
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