रांची। झारखंड की बेटी सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. शुक्रवार को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई चैंपियन का खिताब अपने नाम किया. भारत के लिए लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में निर्णायक गोल किया. इस ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में झारखंड की सलीमा टेटे के अलावा निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग भी शामिल रहीं.
फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही चीन पर दबाव बनाया और 10वें मिनट में लालरेम्सियामी ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई. इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके प्रयासों को नाकाम कर दिया. गोलकीपर सविता ने भी अहम बचाव किए. चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारत ने उसे गोल में बदलने नहीं दिया. आखिरी सीटी तक भारत ने 1-0 की बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
1982 के बाद भारत को मिला दूसरा गोल्ड
महिला हॉकी में भारत ने इससे पहले 1982 के नई दिल्ली एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद भारत को 1998 और 2018 में रजत पदक तथा 1986, 2006, 2014 और 2022 में कांस्य पदक मिला था. 2026 का स्वर्ण एशियन गेम्स में महिला हॉकी का भारत का दूसरा गोल्ड है.
इस बार भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. ग्रुप चरण में भारत ने उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर को हराया. इसके बाद सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. फाइनल में चीन को हराकर भारत ने टूर्नामेंट में लगातार सातवीं जीत दर्ज की.

सलीमा की कप्तानी में झारखंड की चार बेटियों का जलवा
भारत की इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की चार खिलाड़ियों की मौजूदगी राज्य के लिए भी बड़ी उपलब्धि है. टीम की कप्तानी सलीमा टेटे ने की. उनके अलावा निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग भारतीय टीम का हिस्सा रहीं.
हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोला सिंह ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी।

हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कुमार प्रसाद ने भारतीय टीम की इस उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि हॉकी की जीत सिर्फ झारखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है. 1982 के बाद 44 साल के लंबे इंतजार के बाद भारतीय हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है.
मनोज कुमार प्रसाद ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि झारखंड की बेटी सलीमा टेटे ने भारतीय टीम का नेतृत्व किया. निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग ने भी झारखंड का नाम रोशन किया है. उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी टीम और सभी खिलाड़ियों को बधाई दी.
गोल्ड के साथ 2028 ओलंपिक का टिकट
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है. यानी एशियन चैंपियन बनने के साथ भारत ने अगले ओलंपिक में अपनी जगह भी पक्की कर ली.
स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम
सविता पूनिया, बिचु देवी खरिबाम, इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुकरामबम, ललथांतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी दास, निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनीता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग, लालरेम्सियामी, रुतुजा दादासो पिसल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग.
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