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    Home»Uncategorized»सुप्रीम कोर्ट ने फ्रीबीज पर जताई चिंता, कहा- बिना मेहनत सब मुफ्त मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे?
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    सुप्रीम कोर्ट ने फ्रीबीज पर जताई चिंता, कहा- बिना मेहनत सब मुफ्त मिलेगा तो लोग काम क्यों करेंगे?

    Team JoharBy Team JoharFebruary 19, 2026Updated:February 19, 2026No Comments3 Mins Read4
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    कोर्ट
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    New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फ्रीबीज कल्चर यानी मुफ्त रेवड़ियों पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर सरकार लोगों को सुबह से शाम तक मुफ्त खाना, गैस और बिजली देती रहेगी, तो लोग काम क्यों करेंगे? कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से वर्क कल्चर खत्म हो जाएगा और देश की प्रगति पर असर पड़ेगा।

    गरीबों की मदद जरूरी, लेकिन सबको मुफ्त देना गलत

    सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका की सुनवाई के दौरान की। याचिका में कंज्यूमर्स की आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव था। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि अधिकांश राज्य राजस्व घाटे में हैं और फिर भी मुफ्त योजनाएं जारी रखी जा रही हैं।

    CJI सूर्यकांत के तीन सवाल

    लोगों के लिए रोजगार के रास्ते बनाने चाहिए ताकि वे अपनी इज्जत और आत्मसम्मान के साथ काम कर सकें। अगर सबकुछ मुफ्त मिल जाएगा तो लोग काम क्यों करेंगे?

    अचानक चुनाव के आस-पास मुफ्त योजनाएं क्यों लागू की जाती हैं? क्या यह देश के विकास में बाधक नहीं है?

    मुफ्त सुविधाओं की नीति से क्या हम भारत में ऐसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं, जहां मेहनत और काम की अहमियत कम हो जाए?

    कोर्ट ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के तहत जरूरतमंदों को राहत देना समझ में आता है, लेकिन जो लोग भुगतान कर सकते हैं, उनके लिए मुफ्त सुविधा देना तुष्टिकरण की नीति जैसा लगता है।

    मामला क्या है

    सुप्रीम कोर्ट तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। कंपनी ने 2024 के विद्युत संशोधन नियम 23 को चुनौती दी है, जिसमें आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी को मुफ्त बिजली देने का प्रावधान है। तमिलनाडु सरकार हर दो महीने में लगभग 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देती है, बिना किसी शर्त के। कोर्ट ने केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि बिजली दरों की घोषणा के बाद अचानक मुफ्त बिजली का फैसला क्यों लिया गया।

    देश में चल रही मुफ्त योजनाओं की झलक

    बिजली से जुड़ी मुफ्त / सब्सिडी योजनाएं:

    दिल्ली : प्रति माह लगभग 200 यूनिट मुफ्त (6-7 लाख उपभोक्ता लाभान्वित)

    पंजाब : प्रति घर 300 यूनिट

    झारखंड : 125 यूनिट प्रति माह

    राजस्थान : चयनित परिवारों को 300 यूनिट

    हिमाचल प्रदेश : 125 यूनिट

    बिहार : 125 यूनिट (नई घोषणा)

    तेलंगाना / आंध्र प्रदेश / पंजाब (कृषि) : किसानों के लिए मुफ्त

    अन्य मुफ्त / सहायता योजनाएं:

    दिल्ली : महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, पानी पर सब्सिडी

    मध्य प्रदेश : लाडली बहना योजना, मेधावी लड़कियों को स्कूटी

    तमिलनाडु : महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता, सार्वजनिक परिवहन में लाभ

    छत्तीसगढ़ : गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर पर सब्सिडी

    हरियाणा : महिलाओं को मासिक आर्थिक मदद

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि गरीबों को मदद मिलनी चाहिए, लेकिन हर किसी को मुफ्त देना देश की विकास प्रक्रिया के लिए खतरा बन सकता है।

    Also Read : जनता को समय पर न्याय मिले, देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं : एसपी खोटरे

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