Patna : राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण के तहत स्कूल आवंटन की प्रक्रिया 1 जनवरी से शुरू हो गई है। इससे पहले शिक्षकों को लगभग सभी जिलों में प्रखंड आवंटित किया जा चुका था। अब अंतिम चरण में प्रखंड के अंदर स्कूलों का आवंटन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इसे 10 जनवरी तक पूरा करने की समय-सीमा तय की है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, कटिहार, सुपौल, किशनगंज समेत कई जिलों में प्रखंड आवंटन के बाद स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन हो रही है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और शिक्षकों को किसी तरह की असुविधा न हो। विभाग का दावा है कि डिजिटल माध्यम से आवंटन होने से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और शिकायतें भी घटेंगी। ई-शिक्षकोष के आंकड़ों के अनुसार, अंतर जिला स्थानांतरण के लिए कुल 41,689 आवेदन आए थे। इनमें से 27,171 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया और 22,928 शिक्षकों को प्रखंड चुनने का अवसर मिला। अब अधिकांश शिक्षकों को प्रखंड आवंटन के बाद उनके स्कूल मिल रहे हैं।
शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूल आवंटन में प्राथमिकता उन स्कूलों को दी जा रही है, जहां शिक्षक कम हैं। साथ ही यह ध्यान रखा जा रहा है कि शिक्षकों को उनके विषय के अनुसार स्कूल मिले। जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 10 जनवरी तक स्कूल आवंटन पूरा हो। यदि किसी जिले में देरी या तकनीकी समस्या होती है, तो उसकी जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी। विभाग रोजाना प्रगति की निगरानी भी कर रहा है।
शिक्षकों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं। कई शिक्षक राहत महसूस कर रहे हैं, जबकि कुछ अपने पसंदीदा स्कूल या स्थान को लेकर चिंतित हैं। शिक्षक संगठनों ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है। राज्य में अंतर जिला स्थानांतरण के तहत स्कूल आवंटन का यह चरण निर्णायक माना जा रहा है। उम्मीद है कि 10 जनवरी तक अधिकांश शिक्षकों को नए स्कूल मिल जाएंगे और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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