Patna : पटना स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है। मार्च में केंद्रीय टीम सर्वे के लिए शहर का दौरा करेगी। इस सर्वे के जरिए देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी। पटना नगर निगम का लक्ष्य टॉप-20 में शामिल होना और फाइव स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनना है।
इस बार नागरिकों के फीडबैक पर दोगुना अंक मिलेंगे। पिछले साल 500 नंबर की मार्किंग की जाती थी, जबकि इस बार एक हजार नंबर पर मूल्यांकन होगा। सर्वे के चार चरण होंगे: पहले दो चरणों में नागरिकों से फोन पर फीडबैक लिया जाएगा, तीसरे चरण में डेस्कटॉप असेसमेंट होगा और चौथे चरण में ऑन फील्ड असेसमेंट किया जाएगा।
सर्वे में कचरा प्रबंधन, गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस बार 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल हैं, जिनमें दृश्य स्वच्छता, अपशिष्ट जल प्रबंधन, सफाई कर्मियों का कल्याण, शिकायत निवारण और जनभागीदारी जैसे पहलू शामिल हैं।
अंक का मूल्यांकन तीन हिस्सों में होगा: ओडीएफ/वाटर के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक और ग्राउंड असेसमेंट व सिटीजन फीडबैक के लिए 10,500 अंक। सर्वे के बाद चारों चरणों में अंक दिए जाएंगे।
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