जोहार लाइव ब्यूरो
नेपाल से जाली भारतीय नोट लाकर बिहार के बाजारों में खपाने का खेल चल रहा था. इस धंधे में ‘चाची’ के नाम से पहचानी जाने वाली हीरा महासेठ भी मदद कर रही थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में यह बात सामने आई है. एजेंसी ने इस मामले में भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
मामले की शुरुआत 2 अगस्त 2026 को हुई थी. मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दुहाबी बाजार से 281 जाली भारतीय नोट मिले थे. इनकी कुल कीमत 50,150 रुपये थी. SSB, बिहार STF और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की थी.
नेपाल से नोट लाने में ‘चाची’ की मदद
NIA की जांच के मुताबिक, भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान नेपाल से जाली भारतीय नोट लाते थे. इस काम का अंजाम हीरा महासेठ उर्फ चाची के मदद के द्वारा होता था. इन नोटों को भारतीय बाजार में असली बताकर चलाने की योजना थी.
इस मामले में बासोपट्टी थाने में कांड संख्या 268/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें हीरा महासेठ, भारत महासेठ और शिव कुमार राउत को आरोपी बनाया गया था.
मधुबनी में 12 ठिकानों पर छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंप दी थी. एजेंसी ने 9 सितंबर 2026 को RC-01/2026/NIA/PAT के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की.
जांच के दौरान 8 अक्टूबर 2026 को NIA ने मधुबनी जिले में 12 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान डिजिटल डिवाइस, आपत्तिजनक दस्तावेज, नकदी और कई अन्य सामान मिले.
अब NIA ने भारत महासेठ और शिव कुमार राउत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2), 179, 180 और 3(5) के तहत चार्जशीट दाखिल की है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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