जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की. जांच एजेंसी ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. इसमें बुद्धेश्वर भगत, रमेश कुमार, उमेश कुमार, रक्षक सिंह, धर्मेंद्र कुमार, उमाकांत उरांव, रौशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, ब्रजकुमार राम और अरुण कुमार शामिल हैं.
सीआईडी ने इन सभी के खिलाफ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है. इस मामले में दर्ज चार्जशीट से साफ है कि जांच एजेंसी ने कथित परीक्षा गड़बड़ी को केवल अनियमितता तक सीमित नहीं माना है, बल्कि भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं को भी शामिल किया है.
तीन कानूनों की गंभीर धाराओं में चार्जशीट
सीआईडी ने आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग कानूनों के तहत धाराएं लगाई हैं. इनमें सबसे पहले झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम की धारा 12(2) और 12(3) शामिल हैं. ये धाराएं प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के मामलों में महत्वपूर्ण हैं.
इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13, 7 और 7A के तहत भी आरोप पत्र दाखिल किया गया है. इन धाराओं का संबंध लोक सेवकों द्वारा भ्रष्टाचार, अनुचित लाभ लेने और भ्रष्टाचार से जुड़े लेन-देन से है.
वहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुल 11 धाराएं लगाई गई हैं. इनमें धारा 111 और 112 संगठित अपराध से संबंधित हैं. धारा 238 अपराध के साक्ष्य मिटाने या अपराधी को बचाने से संबंधित है. धारा 316(2) और 316(5) आपराधिक विश्वासघात, जबकि धारा 318(2) और 318(4) धोखाधड़ी से जुड़ी हैं. इसके अलावा धारा 336(3) जालसाजी, धारा 338 मूल्यवान प्रतिभूति आदि की जालसाजी, धारा 340(2) जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने और धारा 61(2) आपराधिक साजिश से संबंधित है.
अब अदालत में आगे बढ़ेगी कार्रवाई
सीआईडी ने दस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. अदालत में जांच एजेंसी की ओर से जुटाए गए साक्ष्य, दस्तावेज और आरोपों की पड़ताल होगी. इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य किस तरह प्रस्तुत करता है.
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