New Delhi : पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खासतौर पर मिडिल ईस्ट और यूक्रेन में जारी जंग को जल्दी खत्म करने की अपील की। मोदी ने कहा कि सिर्फ मिलिट्री लड़ाई से कोई भी मसला हल नहीं हो सकता।
भारत और फिनलैंड का शांतिपूर्ण दृष्टिकोण
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने बताया, “हम इस बात पर सहमत हैं कि सिर्फ सैन्य संघर्ष से कोई भी समस्या हल नहीं हो सकती।” चाहे यूक्रेन का मामला हो या मिडिल ईस्ट का, भारत हमेशा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करेगा।
Addressing the joint press meet with President Alexander Stubb of Finland. @alexstubb https://t.co/5EbPxNhi25
— Narendra Modi (@narendramodi) March 5, 2026
मिडिल ईस्ट की स्थिति
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छह दिनों से जंग जारी है। अल जजीरा के मुताबिक, इजराइल और अमेरिका ने अब तक ईरान में 5000 से ज्यादा बम गिराए हैं और 20 ईरानी वॉरशिप डुबा दी हैं। इन हमलों में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए। वहीं, ईरान ने पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के 9 देशों में बने अमेरिकी बेस पर हमला किया है।
डिजिटलाइजेशन और हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग
बैठक के दौरान मोदी और स्टब ने डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। दोनों नेताओं ने भारत-फिनलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G टेलीकॉम, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिलेगी।
व्यापार और निवेश में बढ़ावा
मोदी ने यह भी बताया कि प्रस्तावित भारत-यूरोपीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा।
फिनलैंड राष्ट्रपति का चार दिवसीय भारत दौराA
अलेक्जेंडर स्टब बुधवार को चार दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं। इस दौरे का उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना है।
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