किसलय शानू
रांची : SIT की जांच रिपोर्ट के अनुसार, JSSC-CGL परीक्षा पेपर लीक मामले में छात्रों को प्रश्नों के उत्तर रटवाने के दौरान अभय तिवारी वहां मौजूद था. जांच के क्रम में SIT ने अभय तिवारी के मोबाइल का CDR हासिल कर उसका विश्लेषण किया. इसमें सामने आया कि 21 सितंबर 2024 को अभय तिवारी के मोबाइल की लोकेशन पहले चास और इसके बाद दुग्धा में थी.
दुग्धा वही जगह है, जहां SIT की जांच में सामने आया कि छात्रों को एक स्थान पर इकट्ठा कर लीक हुए प्रश्नों और उनके उत्तर याद करवाए गए थे. सह-आरोपी उमेश राय के बयान के मुताबिक, 20 सितंबर 2024 को अभय कुमार तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी की कथित मौजूदगी में उम्मीदवारों को प्रश्न-उत्तर सामग्री लेने के लिए दुग्धा क्वार्टर में बुलाया गया था.
SIT की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि प्रश्न पत्र पहले ही लीक हो चुका था और उम्मीदवारों को बोकारो के दुग्धा में एक जगह जुटाकर लीक हुए प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे, ताकि वे परीक्षा से पहले उन्हें याद कर सकें.
सेटिंग से लेकर पैसों के लेन-देन तक, SIT को मिला वित्तीय ट्रेल
जांच के दौरान अभय तिवारी ने कथित तौर पर परीक्षा में धांधली और सेटिंग में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. उसने बताया कि सेटिंग और हेरफेर के जरिए उसने खुद, अपनी पत्नी सुषमा कुमारी और अपने भाई अक्षय कुमार तिवारी को परीक्षा में सफल कराया.
SIT को इस कथित सेटिंग से जुड़े वित्तीय लेन-देन के भी सबूत मिले हैं. जांच के मुताबिक, सह-आरोपी विजय कुमार तिवारी की पत्नी सीमा कुमारी के बैंक खाते से अभय कुमार तिवारी के खाते में कुल 3.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. इस वित्तीय ट्रेल की पुष्टि के लिए आरोपियों के बयान और बैंकिंग रिकॉर्ड को जांच का आधार बनाया गया है.

SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, CDR, आरोपियों के बयान और बैंकिंग रिकॉर्ड को एक साथ देखने पर पेपर लीक, उम्मीदवारों को दुग्धा में जुटाने और कथित सेटिंग के बीच कड़ियां सामने आती हैं.

