झारखंड में ओबीसी के लिए अलग जनगणना कॉलम, 27 फीसदी आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी समेत कई मांगों को लेकर मंगलवार को पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के बंद और प्रदर्शन का असर कई जिलों में देखने को मिला. रांची में समिति के सदस्यों ने अरगोड़ा चौक जाम कर दिया,
जबकि खूंटी में बंद समर्थकों ने NH-20 पर वाहनों की आवाजाही रोक दी. दोनों जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ओबीसी की मांगों को लेकर आवाज उठाई.
अरगोड़ा चौक से खूंटी तक सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
रांची में पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के सदस्यों ने सुबह करीब सवा नौ बजे अरगोड़ा चौक जाम कर दिया. प्रदर्शनकारी जनगणना प्रपत्र में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग कर रहे थे. इस दौरान ‘ओबीसी कॉलम देना होगा’, ‘केंद्र सरकार हाय-हाय’ और ‘ओबीसी एकता जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए.
जाम के कारण अरगोड़ा चौक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. लोगों को काफी परेशानी हुई और कई वाहन चालक रास्ता बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंचे. इस दौरान हाईकोर्ट के एक जज की गाड़ी को भी जाम से बचने के लिए रास्ता बदलकर जाना पड़ा. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को रास्ता दिया. प्रदर्शन में समिति के जिला अध्यक्ष जेम्स कुमार साहू, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहू, शिवपूजन साहू समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे.
वहीं, खूंटी में बंद का व्यापक असर रहा. शहर की ज्यादातर दुकानें बंद रहीं. बंद समर्थकों ने हूटार चौक के पास NH-20 जाम कर दिया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. नेताजी चौक पर भी आवागमन बाधित रहा. बंद समर्थक शहर में घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते रहे. तोरपा में भी कई दुकानें बंद रहीं, जबकि जिले के दूसरे प्रखंडों में समिति के कार्यकर्ता सक्रिय रहे.
जातिगत जनगणना और 27 फीसदी आरक्षण की मांग
समिति के सदस्यों ने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसमें ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल किया जाना चाहिए, ताकि समाज की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आ सके. समिति का कहना है कि आबादी के आंकड़े के आधार पर 27 फीसदी आरक्षण समेत अन्य मांगें सरकार के सामने रखी जा रही हैं.

समिति ने सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण के साथ राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और पेसा कानून के तहत ओबीसी को अधिकार देने की भी मांग उठाई है. समिति के मुताबिक मंगलवार को झारखंड के सात जिलों में ओबीसी के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया.
पिछड़ा जाति संघर्ष समिति ने रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा समेत कई जिलों में बंद का आह्वान किया था. इससे पहले सोमवार शाम पांच जिलों में मशाल जुलूस निकाला गया था. खूंटी में खूंटी क्लब से निकले मशाल जुलूस के जरिए दुकानदारों और वाहन मालिकों से बंद में सहयोग की अपील की गई थी.
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