Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि हेमंत सोरेन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED द्वारा पेश किए गए सबूत राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। यह हमला दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में क्लीन चिट मिलने के ठीक बाद आया, जिससे केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर नई बहस शुरू हो गई है।
टीवी और फ्रिज के बिल को बताया ‘ब्रह्मास्त्र’
JMM ने आरोप लगाया कि ED ने हेमंत सोरेन के खिलाफ केवल दो सामान- एक टीवी और एक फ्रिज के बिल- पेश किए, जिनकी कुल कीमत महज ₹29,000 है। पार्टी ने इसे ‘ब्रह्मास्त्र’ बताते हुए कहा कि इन मामूली दस्तावेजों के आधार पर महीनों तक मीडिया ट्रायल चलाया गया और राजनीतिक नैरेटिव गढ़ा गया। पार्टी ने इसे “न्याय नहीं, राजनीतिक प्रोपेगैंडा” करार दिया और कहा कि इसका असली मकसद भ्रष्टाचार से लड़ना नहीं बल्कि जनादेश वाली सरकार को अस्थिर करना है।
JMM ने दिखाए बिल और सबूत
राजनीतिक विवाद छिड़ा
ED पर JMM का यह हमला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने भी केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का संदेश साफ है: यह मामला भ्रष्टाचार से लड़ाई का नहीं, बल्कि जनादेश वाली सरकार को कमजोर करने का प्रयास है।
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