Ranchi : रांची सदर अस्पताल के सभागार में शनिवार को राज्यस्तरीय एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ। यह अभियान देशभर में 14 साल तक की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू किया गया है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजस्थान के अजमेर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से LED स्क्रीन पर किया गया। झारखंड में इस अभियान की शुरुआत हेहल की 14 वर्षीय बालिका सलोनी को वैक्सीन देकर की गई।
कार्यक्रम स्वास्थ्य या राजनीति : मंच पर हुई उलझन
कार्यक्रम के दौरान स्थिति थोड़ी असहज हो गई। जैसे ही प्रधानमंत्री का भाषण LED स्क्रीन पर प्रसारित होना शुरू हुआ, इसमें कांग्रेस पर निशाना साधने वाले राजनीतिक टिप्पणी शामिल थे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मंच से नाराजगी जताई और कार्यक्रम छोड़ दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय को राजनीति का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। मैं अपने मंच का इस्तेमाल अपनी पार्टी को गाली सुनने के लिए नहीं करूंगा।
टीकाकरण अभियान : किशोरियों के लिए जीवनरक्षक कदम
रांची सिविल सर्जन ने बताया कि देशभर में 14 से 15 वर्ष की लगभग 1.5 करोड़ किशोरियों को निशुल्क HPV वैक्सीन दी जाएगी। झारखंड में करीब 4 लाख किशोरियों को यह टीका मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री और रक्षा राज्य मंत्री मंच पर मौजूद थे। हेल्थ विभाग का यह अभियान स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है। टीकाकरण का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से किशोरियों को बचाना है।
विवाद ने छाया राजनीतिक रंग
हालांकि अभियान का मकसद स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करना था, लेकिन प्रधानमंत्री के राजनीतिक भाषण और कांग्रेस पर आलोचना ने मंच पर हलचल पैदा कर दी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों में राजनीति को जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सरकारी कार्यक्रमों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाएगा, तो राज्य अपनी तरफ से वैक्सीन खरीदने और कार्यक्रम चलाने पर विचार करेगा। रक्षा राज्य मंत्री ने इसे लेकर कहा कि टीका देश के बच्चों को बचाने का काम है, इसमें राजनीति करना ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री ने जो भाषण दिया वह देशहित में था।
Also Read : मुजफ्फरपुर में भीषण सड़क हादसा, 7 वर्षीय छात्रा की मौ’त

