पश्चिम बंगाल की आईपीएस अधिकारी डॉ. बुशरा बानो के एक वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में वह अपनी यूपीएससी की तैयारी और सिविल सेवा में आने की कहानी बता रही हैं. इस दौरान उन्होंने ‘अस्सलामु अलैकुम’, ‘इंशाल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.
वीडियो सामने आने के बाद हिंदू लीगल फंड नाम के राइट विंग संगठन ने राज्य की गृह सचिव से शिकायत करने का दावा किया. इसके अगले ही दिन राज्य सरकार ने बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया. बुशरा बानो को खड़गपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद से हटाकर राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है. हालांकि, सरकारी आदेश में इसकी वजह जनहित बताई गई है.
बता दें कि बुशरा बानो 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. वह पश्चिम मिदनापुर के खड़गपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थीं. बीते 13 सितंबर को सामने आए वीडियो में उन्होंने अपनी यूपीएससी की तैयारी का अनुभव साझा किया.
उन्होंने बताया कि सऊदी अरब से लौटने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की. शुरुआत में खुद पढ़ाई की, बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की आवासीय कोचिंग अकादमी यानी आरसीए से मदद मिली. उन्होंने आरसीए की लाइब्रेरी और दूसरी सुविधाओं का भी जिक्र किया. वीडियो की शुरुआत उन्होंने अस्सलामु अलैकुम से की. बातचीत में इंशाल्लाह और अंत में जज़ाकल्लाह कहा.
जय हिंद और वंदे मातरम नहीं कहने पर शिकायत
वीडियो सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इन शब्दों को लेकर सवाल उठाए. हिंदू लीगल फंड ने एक्स पर दावा किया कि उसने पश्चिम बंगाल की गृह सचिव संघमित्रा घोष से शिकायत की है.
संगठन ने आपत्ति जताई कि एक सेवारत आईपीएस अधिकारी ने वीडियो में अस्सलामु अलैकुम, इंशाल्लाह और जज़ाकल्लाह का इस्तेमाल किया, लेकिन जय हिंद या वंदे मातरम नहीं कहा. संगठन ने सार्वजनिक संवाद में सरकारी अधिकारी से तटस्थता और राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों के इस्तेमाल की अपेक्षा जताई.
Complaint filed with West Bengal Home Secretary regarding IPS Bushra Bano’s official video statement.
She began with Assalamualaikum, used Inshallah, ended with Jazakallah — and did not use Vande Mataram or Jai Hind.
A serving officer representing the Indian state should…— Hindu Legal Fund (@HinduLegalFund) September 13, 2026
पश्चिम बंगाल सरकार ने 14 सितंबर को पुलिस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया. बुशरा बानो को खड़गपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद से हटाकर राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में उप कमांडेंट बनाया गया. उनकी जगह पार्थ घोष को खड़गपुर का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया.
सरकारी आदेश में तबादले की वजह जनहित बताई गई है. आदेश में वीडियो या हिंदू लीगल फंड की शिकायत का कोई जिक्र नहीं है.
क्या वीडियो से जुड़ा था ट्रांसफर?
वीडियो, शिकायत और ट्रांसफर के बीच कम समय का अंतर होने के कारण दोनों घटनाओं को जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि, राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि बुशरा बानो का ट्रांसफर वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्दों की वजह से हुआ.
कुछ रिपोर्टों में इसे नियमित प्रशासनिक तबादला बताया गया है. बुशरा बानो से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
महुआ मोइत्रा ने उठाए सवाल
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी एक्स पर इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अस्सलामु अलैकुम और इंशाल्लाह कहने पर एक मुस्लिम महिला आईपीएस अधिकारी का ट्रांसफर किया जाना हास्यास्पद है.
For a country whose Prime Minister inaugurated new Parliament with sengol & bare chested sadhus, transferring a Muslim IPS officer for saying Assalamalaikum & Inshallah is ridiculous. We are a nation gone mad, poisoned with hate & bigotry. God Save India.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) September 15, 2026
उन्होंने इसे धार्मिक असहिष्णुता से जोड़कर भी आलोचना की. यह महुआ मोइत्रा की राजनीतिक प्रतिक्रिया है. वहीं, सरकार की ओर से ट्रांसफर की वजह जनहित बताई गई है.
कौन हैं बुशरा बानो?
बुशरा बानो 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और यूपीएससी परीक्षा दो बार पास कर चुकी हैं. वीडियो में उन्होंने सऊदी अरब से भारत लौटने के बाद शुरू की अपनी यूपीएससी तैयारी और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की आवासीय कोचिंग अकादमी से मिली मदद का अनुभव साझा किया था.
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