Ranchi : केंद्र सरकार की बजट पूर्व चर्चा बैठक में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य के समग्र विकास को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष कई अहम वित्तीय मांगें रखी और एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। वित्त मंत्री ने बिहार की तर्ज पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत झारखंड की महिलाओं को कुटीर उद्योग स्थापित करने हेतू 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य सरकार करीब 51 लाख महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान कर रही है।
संसाधनों के बावजूद विकास से वंचित रहा झारखंड
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद झारखंड को अपने प्राकृतिक संसाधनों का समुचित लाभ नहीं मिल सका है। खनन से भारी राजस्व प्राप्त होने के बावजूद स्थानीय क्षेत्रों का सामाजिक और आर्थिक विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया। उन्होंने केंद्र से झारखंड की पिछड़ेपन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष सहयोग और आर्थिक पैकेज देने का आग्रह किया।
जीएसटी नुकसान और कोल कंपनियों के बकाये का मुद्दा
वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद राज्य को हर साल लगभग 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई के लिए उन्होंने केंद्र से मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने कोल कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने और एफआरबीएम एक्ट के तहत ऋण सीमा को तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने का आग्रह किया।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष सहायता की मांग
राज्य में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उग्रवाद विरोधी अभियानों हेतु अगले पांच वर्षों तक विशेष केंद्रीय सहायता और एसआरई योजना के तहत फंड उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि रांची, पलामू और दुमका सहित सभी जिला अस्पतालों में पेट-सीटी स्कैन समेत अत्याधुनिक मशीनें लगाने की जरूरत है। इसके लिए केंद्र सरकार से बजट में विशेष प्रावधान करने का अनुरोध किया गया।
सिंचाई विस्तार के लिए 2000 करोड़ सालाना सहायता मांगी
राज्य सरकार ने अगले चार वर्षों में एक लाख हेक्टेयर खेतों में सिंचाई क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए केंद्र से प्रति वर्ष 2000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई।
31,380 करोड़ की चार बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी की मांग
झारखंड सरकार ने केंद्र को 1060 किलोमीटर लंबाई की चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की डीपीआर सौंपी है, जिनकी अनुमानित लागत 31,380 करोड़ रुपये है।
इनमें प्रमुख सड़क मार्ग शामिल हैं:
- मुसीबंदर–चतरा–बरही–बेंगाबाद–सारठ–दुमका पथ (335 किमी)
- साहिबगंज–बरहेट–अमरपाड़ा–दुमका पथ (332 किमी)
- जामताड़ा–निरसा–चंदनकियारी–धनबाद बाइपास
- झुमरी तिलैया–विष्णुगढ़–पेटरवार–गोला–मुरी–सिल्ली–सरायकेला–चाईबासा पथ (286 किमी)
- रांची–ठाकुरगांव–बुड़मू–टंडवा–सिमरिया–बगरा मोड़ हाईवे कॉरिडोर (107 किमी)
पर्यटन विकास में मदद के लिए केंद्र सरकार से अपील
राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए भी केंद्र से आर्थिक सहयोग मांगा है। इसमें नेतरहाट, तेनुघाट और चांडिल में इको टूरिज्म, हुआंगहातू में स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ, तोपचांची व मलय में लेक फ्रंट परियोजना, चतरा में रोपवे, नेतरहाट, रांची और रामगढ़ में ग्लास ब्रिज, पतरातू में एक्वेरियम पार्क और हीलियम बैलून उड़ान, बेतला में टाइगर सफारी और प्रमुख धार्मिक स्थलों को टूरिस्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव शामिल है।
Also Read ; होली के लिए रांची जाने वाली ट्रेनों में बढ़ी भीड़, लंबी वेटिंग


