Patna : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी MCQ आधारित परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब परीक्षा को ज्यादा पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए नए नियम लागू किए जाएंगे। नई व्यवस्था के अनुसार, अब हर सवाल में चार की जगह पांच विकल्प (A, B, C, D, E) दिए जाएंगे। इसमें ‘E’ का मतलब होगा—‘प्रयास नहीं किया गया’। यानी अगर कोई अभ्यर्थी किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता है, तो उसे ‘E’ विकल्प चुनना अनिवार्य होगा।
पहले अभ्यर्थी सवाल छोड़ सकते थे, जिससे कई प्रश्न अनुत्तरित रह जाते थे। लेकिन अब हर सवाल पर निर्णय लेना जरूरी होगा। अगर अभ्यर्थी जवाब देना चाहता है, तो वह A, B, C या D में से एक विकल्प चुनेगा। सबसे अहम बदलाव यह है कि अगर कोई अभ्यर्थी पांचों में से कोई भी विकल्प नहीं चुनता है, तो उसे नुकसान होगा। ऐसे सवाल को अनुत्तरित माना जाएगा और उस पर 1/3 अंक की निगेटिव मार्किंग की जाएगी।
BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार के मुताबिक, इस नई व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनेगी। साथ ही अभ्यर्थियों में गंभीरता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। गौरतलब है कि इससे पहले 60वीं से 62वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (2017) में ‘E’ विकल्प जोड़ा गया था, जिसका मतलब “उपर्युक्त में से कोई नहीं या एक से अधिक” था। लेकिन बाद में विरोध और भ्रम के कारण 69वीं परीक्षा से इसे हटा दिया गया था।
अब फिर से संशोधित रूप में यह नियम लागू किया जा रहा है। आने वाली परीक्षाओं में यह व्यवस्था लागू होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी और रणनीति इस नए नियम के अनुसार बनानी होगी। यह बदलाव परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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