Patna : बिहार के गोपालगंज जिले में अवैध बालू खनन मामले में गिरफ्तार माइनिंग इंस्पेक्टर थाने से फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस प्रशासन के कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसके साथ ही, खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चा भी तेज हो गई है।
डीएम के निर्देश पर हुई थी कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिले के दियारा क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम पवन कुमार सिन्हा ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद जादोपुर थाने में माइनिंग इंस्पेक्टर सौरभ अभिषेक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शुक्रवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई, बल्कि यहीं से शुरू हुआ असली खेल।
निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी, डीएम को घुमाने की कोशिश
बताया जा रहा है कि सदर प्रखंड के दियारा इलाके में 12 बालू घाट हैं, जिनकी पिछले साल नीलामी नहीं हो सकी थी। इस साल भी नीलामी नहीं होने पर डीएम ने खनन विभाग से जवाब मांगा। विभाग ने दावा किया कि जिले में अब कोई सक्रिय बालू घाट नहीं है और सभी जगह खेत बन चुके हैं। लेकिन डीएम इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और खुद मौके पर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान माइनिंग इंस्पेक्टर सौरभ अभिषेक ने डीएम को असली जगह दिखाने के बजाय करीब चार किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाने की कोशिश की। इससे डीएम को शक हुआ और उन्होंने खुद वास्तविक लोकेशन पर जाकर जांच की।
मौके पर खुली पोल, पहले ही हटाए जा चुके थे सबूत
जब डीएम असली घाटों तक पहुंचे तो वहां अवैध खनन के साफ संकेत मिले। हालांकि, मौके से जेसीबी मशीनें और डंपर पहले ही हटा लिए गए थे। इससे यह शक और गहरा गया कि कार्रवाई से पहले ही किसी ने माफिया को सूचना दे दी थी।
केस दर्ज, गिरफ्तारी और फिर फरारी
जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद डीएम ने तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद जादोपुर थाने में केस दर्ज कर माइनिंग इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही घंटों बाद वह थाने से फरार हो गया। देर रात अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि कर दी। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जिले में मचा हड़कंप, माफिया में दहशत
इस घटना के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। खासकर अवैध खनन से जुड़े लोगों में डर का माहौल है। बरौली और गंडक नदी के आसपास के इलाकों में पहले भी अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं। बिहार में खनन माफिया और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। कई बार छापेमारी टीमों पर हमले तक हो चुके हैं। हालांकि, सरकार ने कई मामलों में कार्रवाई भी की है, लेकिन ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
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