बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा आखिरी समय में उम्मीदवार बदलने का मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है. राष्ट्रीय जनता दल ने इसे भाजपा की घबराहट करार देते हुए पार्टी और एनडीए नेतृत्व पर जमकर हमला बोला है. राजद का कहना है कि भाजपा विपक्ष के नेताओं पर सवाल उठाती है, लेकिन अपने नेताओं और सहयोगियों के मामले में अलग पैमाना अपनाती है. पार्टी ने दावा किया कि उम्मीदवार बदलने का फैसला इस बात का संकेत है कि भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा.
राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शनिवार को भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी पहले अभिषेक कुमार बंटी का नामांकन कराती है और बाद में यह कहती है कि उनके माता-पिता का नाम चारा घोटाले में सामने आया था. उन्होंने कहा कि अगर यही वजह थी तो टिकट देने से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब अपनी गलती छिपाने के लिए नैतिकता का सहारा ले रही है.
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि अगर भाजपा सचमुच चारा घोटाले के आधार पर कार्रवाई कर रही है तो उसे पहले अपनी सरकार में शामिल नेताओं पर भी जवाब देना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि चारा घोटाले के आरोपी रहे पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा बिहार सरकार में दो विभागों के मंत्री कैसे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष के लिए एक नियम और अपने नेताओं के लिए दूसरा नियम लागू करती है.
राजद प्रवक्ता ने भाजपा संगठन पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, “BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष की औकात बूथ अध्यक्ष जितनी भी नहीं है। बेचारे नितिन नबीन के बांकीपुर के कैंडिडेट को नामांकन के बाद हटाकर एक डमी प्रत्याशी दिया गया है।” उन्होंने इसे भाजपा के अंदरूनी मतभेद का सबसे बड़ा उदाहरण बताया.
शक्ति सिंह यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार और नैतिकता की बात करती है, लेकिन खुद ऐसे लोगों के साथ सत्ता चला रही है जिन पर गंभीर आरोप लग चुके हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम के भाजपा नेताओं का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अपने नेताओं के मामलों में चुप्पी साध लेती है, जबकि विपक्ष के खिलाफ लगातार नैतिकता की राजनीति करती है.
राजद ने एनडीए के भीतर भी असहमति होने का दावा किया. शक्ति सिंह यादव ने कहा कि गठबंधन के कई नेता खुलकर यह कह रहे हैं कि दिल्ली नेतृत्व ने जानबूझकर कमजोर उम्मीदवार उतारा है ताकि जन सुराज पार्टी को फायदा मिल सके. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी सीट बचाने के बजाय राजनीतिक रणनीति में उलझ गई है.
राजद ने दावा किया कि बांकीपुर में भाजपा की स्थिति कमजोर हो चुकी है और उम्मीदवार बदलने का फैसला इसी का नतीजा है. पार्टी का कहना है कि जनता भाजपा की इस रणनीति को समझ चुकी है और उपचुनाव में इसका जवाब वोट से देगी. शक्ति सिंह यादव ने विश्वास जताया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में महागठबंधन की जीत तय है.
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