महोबा की भाजपा नेत्री दीपाली तिवारी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. दो महीने पहले भाजपा जिलाध्यक्ष पर पद के बदले शारीरिक संबंध बनाने की मांग का आरोप लगाने वाली दीपाली ने अब दावा किया है कि उस समय उन्होंने अपनी मर्जी से समझौता नहीं किया था. बल्कि उन पर इतना दबाव बनाया गया कि परिवार को बचाने के लिए समझौता करना पड़ा. उनका आरोप है कि पति को जेल भेजने और बच्चों का भविष्य खराब करने की धमकी दी गई. अब उन्होंने नए वीडियो के जरिए पूरे मामले को फिर सामने ला दिया है.
दीपाली तिवारी ने 26 अप्रैल में भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए थे. उनका कहना था कि जिलाध्यक्ष ने उन्हें जिला उपाध्यक्ष बनाने और जिला पंचायत का टिकट दिलाने के बदले शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव दिया था. मामला बढ़ा तो भाजपा ने जांच समिति बनाई. कुछ दिनों बाद दीपाली ने खुद वीडियो जारी कर कहा कि अब उनका विवाद खत्म हो गया है. उसी के बाद माना गया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया.
अब दो महीने बाद दीपाली का कहना है कि वह समझौता उनकी मर्जी से नहीं हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच करने आई टीम ने पहले उन्हें क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाने का लालच दिया. जब उन्होंने मना कर दिया तो कहा गया कि अगर समझौता नहीं किया तो पति को जेल भेज दिया जाएगा और बच्चों का भविष्य भी बर्बाद हो जाएगा. दीपाली का कहना है कि उन्हें अपने परिवार की चिंता थी, इसलिए मजबूरी में समझौता करना पड़ा.
दीपाली का कहना है कि उन्हें भरोसा था कि पार्टी उनकी बात सुनेगी और निष्पक्ष जांच होगी. लेकिन जांच के दौरान उनसे बार-बार समझौता करने के लिए कहा गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे कहा गया कि महिलाओं के साथ ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और मामले को ज्यादा आगे बढ़ाने से कोई फायदा नहीं होगा.
दीपाली ने यह भी कहा कि समझौते के बाद उनके बारे में अफवाह फैलाई गई कि उन्होंने 10 लाख रुपये लेकर मामला खत्म कर दिया. उन्होंने इस बात को पूरी तरह गलत बताया. उनका कहना है कि उन्हें किसी तरह की कोई रकम नहीं मिली. उल्टा उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि दो महीने के भीतर जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.
‘मेरे पति को जेल में डालने और बच्चों का भविष्य खराब करने की धमकी देखकर समझौता कराया गया.’
– BJP नेता दीपाली तिवारी ने 2 महीने बाद BJP जिलाध्यक्ष से समझौते की पूरी कहानी बताई है.
दीपाली ने BJP जिलाध्यक्ष मोहनलाल पर पद के बदले सेक्स मांगने का आरोप लगाया था. तब इस मामले में… https://t.co/ax6iOhppoa pic.twitter.com/x0pLqCPz0t
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) July 10, 2026
फिर जारी किया नया वीडियो
दीपाली ने अपने नए वीडियो में एक और बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि हाल ही में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उन्हें फार्म-7 देकर कुछ मुस्लिम और यादव समाज के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए कहा गया. जब उन्होंने बीएलओ से बात की तो पता चला कि जिन लोगों के नाम हटाने को कहा जा रहा है, उनके दस्तावेज सही हैं और वे लंबे समय से वहीं रह रहे हैं.
दीपाली का कहना है कि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. जब उन्होंने पार्टी नेताओं से सवाल किया तो जवाब मिला कि यह ऊपर से आया आदेश है. उन्होंने कहा कि किसी का मतदान का अधिकार छीनना गलत है और वह इसका हिस्सा नहीं बन सकती थीं.
दीपाली ने भाजपा संगठन पर एक महिला के साथ न्याय नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी. उनका कहना है कि उनके दादा मंगला प्रसाद तिवारी सिराथू से तीन बार विधायक रहे थे और अब वह उसी सीट से जनता के बीच जाएंगी.
उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने एक बार फिर सभी आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि दीपाली जो आरोप लगा रही हैं, उनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है. वहीं भाजपा की ओर से दीपाली के नए आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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