बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सोमवार को पटना की सड़कों पर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. एक तरफ जहां जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने समर्थकों की भारी भीड़ और जोरदार शक्ति प्रदर्शन के बीच अपना नामांकन दाखिल किया, वहीं दूसरी तरफ बड़ा उलटफेर देखने को मिला. तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को नामांकन दाखिल कर कलेक्ट्रेट से बाहर निकलते ही पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इस गिरफ्तारी के बाद समाहरणालय परिसर के बाहर उनके समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ.
नामांकन का पर्चा दाखिल करने से पहले प्रशांत किशोर सुबह-सुबह सोनपुर के प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे. वहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया और फिर समर्थकों के बड़े हुजूम के साथ पटना के लिए रवाना हुए. पीके के काफिले के कारण सड़कों पर भारी भीड़ देखी गई और पूरा इलाका चुनावी रंग में रंगा नजर आया.
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बिल्कुल बेबाक अंदाज में कहा कि चुनाव में हार-जीत का फैसला पूरी तरह जनता के हाथ में है. उन्होंने कहा, “अगर जीत-हार हमारे हाथ में होती तो पिछले चुनाव में जन सुराज को हार का सामना नहीं करना पड़ता. हमारा काम जनता के सामने ईमानदारी से एक बेहतर विकल्प रखना है, अब फैसला बांकीपुर के वोटरों को करना है कि वह किसे चुनते हैं.”
पर्चा भरकर बाहर आते ही हिरासत में ली गयीं वीणा मानवी
इधर, कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब वीणा मानवी अपना पर्चा दाखिल कर बाहर निकलीं और पहले से मौजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इस कार्रवाई से भड़के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. समर्थकों का सीधा आरोप है कि सम्राट चौधरी सरकार ने हार के डर से एक सोची-समझी साजिश के तहत वीणा मानवी को पुलिस से पकड़वाया है, क्योंकि उनकी जीत तय मानी जा रही थी.
इस पूरे मामले पर जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला है. तेज प्रताप ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि जब वीणा मानवी महीनों से जनता के बीच सक्रिय थीं तब पुलिस ने कुछ नहीं किया, लेकिन ठीक नामांकन के दिन ही वारंट निकालकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब किसी महिला के साथ अन्याय होता है तो भगवान कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलता है. वे जल्द ही बिहार लौटकर इस तानाशाही के खिलाफ सरकार का बड़ा घेराव करेंगे.
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