मुस्कान चौधरी
आज करोड़ों भारतीयों के लिए वनडे क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का दूसरा नाम है. लेकिन 52 साल पहले जब भारत पहली बार वनडे खेलने मैदान पर उतरा था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही टीम एक दिन दुनिया की सबसे ताकतवर क्रिकेट टीमों में गिनी जाएगी. हार से शुरू हुआ यह सफर आज दो विश्व कप, अनगिनत रिकॉर्ड और करोड़ों यादगार लम्हों तक पहुंच चुका है.
भारतीय क्रिकेट टीम ने 13 जुलाई 1974 को इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर अपना पहला वनडे इंटरनेशनल मैच खेला था. तब से लेकर आज तक भारत ने वनडे क्रिकेट में लंबा सफर तय किया है. 1983 में कपिल देव और 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विश्व कप जीतकर भारत ने इस प्रारूप में अपनी बादशाहत साबित की.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी
भारत अपने पहले वनडे मुकाबले में टॉस हार गया था. इंग्लैंड ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया. उस समय वनडे मैच 50 नहीं, बल्कि 60-60 ओवर के खेले जाते थे. यह व्यवस्था 1987 विश्व कप तक जारी रही, जिसके बाद वनडे को 50 ओवर का कर दिया गया. अजित वाडेकर की कप्तानी में भारत ने 53.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 265 रन बनाए. उस दौर के हिसाब से यह एक चुनौतीपूर्ण स्कोर माना जाता था.
बृजेश पटेल और वाडेकर ने संभाली पारी
भारत की ओर से बृजेश पटेल ने 78 गेंदों में 82 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 2 छक्के शामिल थे. कप्तान अजित वाडेकर ने 82 गेंदों पर 67 रन बनाए और 10 चौके लगाए. फारूख इंजीनियर ने 32 जबकि सुनील गावस्कर ने 28 रन का योगदान दिया. इंग्लैंड की ओर से क्रिस ओल्ड ने 3 विकेट लिए. ज्यॉफ अर्नोल्ड, रॉबिन जैकमैन और बॉब वूल्मर को 2-2 विकेट मिले, जबकि टोनी ग्रेग ने एक बल्लेबाज को आउट किया.
गेंदबाजों ने दी कड़ी टक्कर, लेकिन जीत नहीं मिली
266 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की और 51.1 ओवर में 6 विकेट खोकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. जॉन एड्रिच ने सबसे ज्यादा 90 रन बनाए और उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया. कप्तान माइक डेनेस 66 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि टोनी ग्रेग ने सिर्फ 28 गेंदों में 40 रन की तेज पारी खेली. कीथ फ्लेचर ने 39 और डेविड लॉयड ने 34 रन बनाए.
भारत की ओर से एकनाथ सोल्कर और बिशन सिंह बेदी ने 2-2 विकेट लिए. मदन लाल और श्रीनिवास वेंकटराघवन को एक-एक सफलता मिली. हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को आसान जीत नहीं दी, लेकिन टीम को आखिरकार 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा.
India’s First ODI#OnThisDay in 1974, India played its first One Day International, against England at Leeds.
India was the last of the (then) six Test-playing nations to play an ODI.#TeamIndia pic.twitter.com/eTrbFnRNoZ
— Cricketopia (@CricketopiaCom) July 13, 2020
भारत के पहले वनडे की प्लेइंग इलेवन
भारत:
सुनील गावस्कर, सुधीर नाइक, अजित वाडेकर (कप्तान), गुंडप्पा विश्वनाथ, फारूख इंजीनियर (विकेटकीपर), बृजेश पटेल, एकनाथ सोल्कर, सैयद आबिद अली, मदन लाल, श्रीनिवास वेंकटराघवन, बिशन सिंह बेदी.
इंग्लैंड:
डेनिस एमिस, डेविड लॉयड, जॉन एड्रिच, माइक डेनेस (कप्तान), कीथ फ्लेचर, टोनी ग्रेग, एलन नॉट (विकेटकीपर), क्रिस ओल्ड, बॉब वूल्मर, रॉबिन जैकमैन, ज्यॉफ अर्नोल्ड.
52 साल बाद लॉर्ड्स पर यास्तिका ने रच दिया इतिहास
इसी ऐतिहासिक दिन भारतीय महिला क्रिकेट ने भी नया अध्याय जोड़ दिया. विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट की दूसरी पारी में 158 गेंदों पर 113 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे. उनकी शतकीय पारी की बदौलत भारत ने दूसरी पारी 7 विकेट पर 341 रन घोषित कर इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा. यास्तिका का नाम अब लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर बोर्ड पर दर्ज हो गया है.

