झारखंड में प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(पीएफआई) अपने ऊपर दर्ज कांडों की स्वतंत्र जांच को लेकर झारखंड हाईकोर्ट गयी है। कोर्ट में पीएफआई ने संगठन के पदाधिकारियों के ऊपर दर्ज पाकुड़ थाना में दर्ज कांड संख्या 86/17 की स्वतंत्र एजेंसी से जांच को लेकर कोर्ट में रिट पीटिशन दायर किया है। रिट पीटिशन के आधार पर झारखंड हाईकोर्ट ने पाकुड़ के तात्कालीन एसपी व वर्तमान में गोड्डा एसपी शैलेंद्र कुमार वर्णवाल से जवाब मांगा है। 12 जुलाई तक पाकुड़ के पूर्व एसपी शैलेंद्र वर्णवाल को यह बताना है कि पीएफआई के स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने के आवेदन को क्यों नहीं मंजूर कर लिया जाए। पीएफआई ने पाकुड़ पुलिस पर गलत तरीके से पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार करने, प्रताड़ित करने और चार्जशीट करने का आरोप लगाया है।
क्या है मामला
पांच जुलाई 2017 को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बैनर तले भाजपा नेता हिसाबी राय के व्हाट्सएप्प से आपत्तिजनक पोस्ट किये जाने व पाकुड़ पुलिस द्वारा क्लीन चिट देने के विरोध में रैली निकाली गयी थी। पाकुड़ नगर थाना के समीप प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच लाठीचार्ज व नोंक-झोंक भी हुई थी। इस मामले में पुलिस की ओर से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कुल 43 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मामले की जांच को लेकर पीएफआई के प्रदेश सचिव शमीम अख्तर के द्वारा कोर्ट में रिट पीटिशन फाइल किया गया है।
क्यों लगाया है झारखंड सरकार ने प्रतिबंध
13 फरवरी को झारखंड सरकार ने पीएफआई को दुबारा प्रतिबंधित किया था। इसके पीछे हिंसा, भयादोहन, सांप्रदायिक उन्माद, समाजिक विभाजन, भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थित नारे लगाने को मुख्य वजह बताया गया था। गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, संगठन के तालुल्क आईएसआईएस और जेएमबी जैसे आतंकी समूहों से हैं। झारखंड पुलिस के द्वारा गृह विभाग को सौंपे गए रिपोर्ट में जिक्र है कि पीएफआई का राष्ट्रीय चेयरमैन अब्दुल रहमान सिमी के राष्ट्रीय सचिव एवं राज्य सचिव अब्दुल हामिल सिमी के भूतपूर्व राज्य सचिव रह चुके हैं। सिमी के प्रतिबंधित किए जाने के बाद लोग पीएफआई से जुड़ने लगे। केरल के वालपुरम, कान्नुर कांड में एनआईए जांच कर रही है। तब यह बात सामने आयी थी कि केरल के कुछ पीएफआई सदस्य अवैध पासपोर्ट के जरिए सिरिया जा रहे थे।
झारखंड में कौन कौन संभालता है पीएफआई
प्रदेश अध्यक्ष मौलाना हेंजला शेख, प्रदेश महासचिव अब्दुल बदुद, प्रदेश उपाध्यक्ष हबिबुर रहमान, प्रदेश सचिव शमीम अख्तर, प्रदेश कोषाध्यक्ष हाफिज अब्दुस सलाम। पीएफआई के सभी कर्ताधर्ता पाकुड़ व साहेबगंज जिला के रहने वाले हैं।
झारखंड में गतिविधियां
– 5 जुलाई 2017 को हेंजला शेख के नेतृत्व में बगैर सूचना उग्र प्रदर्शन। सांप्रदायिक नारे लगे जिससे पाकुड़ में माहौल खराब हुआ था। इस दौरान अफसरों को भी चोट आयी थी।
– साहेबगंज के बरहेट में सिदो कान्हू की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। तब पीएफआई सदस्यों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी।
– साहेबगंज के रांगा में16 जुलाई 2016 को जाकिर नाइक के समर्थन में रैली निकाली गई, जिसमें भारत विरोधी व पाकिस्तान समर्थित नारे लगे।
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किन किन राज्यों में कितने मामले दर्ज
तेलंगाना- छह कांड, कर्नाटक- एक कांड यूएपीए व 132 कांड आईपीसी के तहत दर्ज, यूपी- 4 कांड, तमिलनाडू- यूएपीए के तहत 31 कांड, राजस्थान- छह कांड, असम- 4 कांड, बिहार- एक कांड।
प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पीएफआई गयी हाईकोर्ट, एसपी से कोर्ट ने मांगा जवाब
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