Johar Live Desk : आज हिन्दू कैलेंडर के अनुसार साल की आखिरी एकादशी है। इसे चैत्र कृष्ण पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह पर्व आज श्रवण नक्षत्र और परिघ योग के शुभ संयोग में मनाया जाएगा। पुराणों के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से साधक के सभी पाप दूर हो जाते हैं और उसके लिए मोक्ष के मार्ग खुल जाते हैं।
पापमोचनी एकादशी का महत्व
इस दिन व्रत करने से सहस्त्र गौदान का पुण्य तो मिलता ही है, साथ ही ब्रह्म हत्या, सुवर्ण चोरी, सुरापान और गुरुपत्नी गमन जैसे गंभीर पाप भी समाप्त हो जाते हैं। पद्म पुराण के अनुसार, राजा मंदता ने अपने पापों के कारण दुख भोगा। उन्होंने ऋषि वशिष्ठ के मार्गदर्शन में पापमोचनी एकादशी का व्रत किया। इससे उनके पाप दूर हो गए और राज्य फिर से समृद्ध हुआ। इसके अलावा एक और कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने इस दिन दानव ‘पाप’ का नाश किया, जिससे उनके भक्त पापों के बोझ से मुक्त हुए।
आज कौन-कौन से कार्य शुभ हैं
द्विपुष्कर योग का शुभ संयोग बन रहा है। आज सुबह 08:47 बजे तक परिघ योग रहेगा और उसके बाद पूरे दिन शिव योग रहेगा, जो धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे शुभ अवसर पर भक्तों के लिए कुछ खास क्रियाएँ अत्यंत फलदायक मानी जाती हैं। आज के दिन भगवान श्रीहरि की चतुर्भुज रूप में पूजा, विष्णु सहस्त्रनाम पाठ, गजेन्द्रमोक्ष और श्रीमद्भागवत पाठ करना लाभकारी रहेगा। इसके अलावा जाप और ध्यान का अभ्यास करने से मानसिक शांति, आध्यात्मिक लाभ और पापों से मुक्ति की प्राप्ति होती है।
पापमोचनी एकादशी के व्रत का पुण्य
आज चैत्र कृष्ण पापमोचनी एकादशी के अवसर पर व्रत करने से भक्तों को अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने मात्र से सभी पापों का नाश हो जाता है और व्यक्ति शुद्ध हो जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने से तीर्थ स्थानों पर विद्या ग्रहण करना और गौदान करने से भी अधिक पुण्य मिलता है। व्रत के प्रभाव से साधक को सांसारिक सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है और अंततः उसे श्रीहरि के वैकुंठ वास का वरदान मिलता है। पुराणों में वर्णित है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को पापमोचनी एकादशी के महात्म्य के बारे में बताया और कहा कि इस व्रत के पालन से सबसे गंभीर पाप भी समाप्त हो जाते हैं। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत का महात्म्य बताते हुए कहा कि, इस व्रत से सबसे गंभीर पाप भी समाप्त हो जाते हैं।

