Patna : बिहार सरकार ने वर्ष 2025 से 2030 के बीच राज्य को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लक्ष्य के तहत एक नई पहल शुरू की है। सात निश्चय-3 कार्यक्रम के अंतर्गत अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने आम नागरिकों से उनके दैनिक जीवन की समस्याओं और सरकारी सेवाओं में सुधार को लेकर सुझाव मांगे हैं। यह पहल निश्चय-7 ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि किन क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है, ताकि लोगों को रोजमर्रा की दिक्कतों से राहत मिल सके और उनका जीवन आसान हो।
सरकारी सेवाओं में सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, नागरिक अपने अनुभव और जरूरतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इसमें प्रमाण पत्रों की होम डिलीवरी, बुजुर्गों के लिए घर पर नर्सिंग सुविधा, अस्पतालों में बेहतर इलाज, पैदल यात्रियों की सुरक्षा जैसी सुविधाओं को लेकर सुझाव दिए जा सकते हैं। इसके अलावा गांव या मोहल्ले से जुड़ी सड़क, पानी, बिजली, सफाई और स्वास्थ्य जैसी सामूहिक समस्याओं पर भी सुझाव भेजे जा सकते हैं।
4 जनवरी 2026 तक भेज सकते हैं सुझाव
सरकार ने सुझाव भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। नागरिक पत्र के माध्यम से या QR कोड के जरिए ऑनलाइन अपने सुझाव दे सकते हैं। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 4 जनवरी 2026 तय की गई है। सभी सुझावों की समीक्षा कर चरणबद्ध कार्य योजना बनाई जाएगी।
हर सुझाव पर होगा विचार
मुख्यमंत्री सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि रचनात्मक और व्यवहारिक सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुविधाओं का विकास होगा और नागरिकों व सरकार के बीच संवाद भी मजबूत होगा। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में अपनी समस्या और समाधान का सुझाव भेजें। इस पहल के जरिए बिहार सरकार नागरिकों की भागीदारी से राज्य को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और विकसित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
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