Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को मजबूती के साथ हुई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला।
सुबह करीब 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 568 अंकों की बढ़त के साथ 82,477 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं एनएसई निफ्टी 160 अंक चढ़कर 25,317 पर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.94 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.01 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
सभी सेक्टर हरे निशान में
कारोबार के दौरान सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। ऑटो, पीएसयू बैंक, मीडिया और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.05 फीसदी, पीएसयू बैंक 0.89 फीसदी, मीडिया 1 फीसदी और आईटी इंडेक्स 0.80 फीसदी चढ़ा। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 25,250 से 25,300 के बीच रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई 1.87 फीसदी और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.97 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए। वहीं चीन के शंघाई और शेनझेन इंडेक्स करीब 0.12 फीसदी फिसले। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.08 फीसदी गिरा।
अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती रही। नैस्डैक 1.18 फीसदी, एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.16 फीसदी और डॉव जोंस 1.21 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए।
निवेशकों को राहत के संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप द्वारा यूरोप पर टैरिफ न लगाने का फैसला अमेरिका-यूरोप ट्रेड वॉर की आशंका को कम करता है। इससे बाजार में राहत की तेजी देखने को मिल सकती है। साथ ही बड़ी संख्या में शॉर्ट पोजीशन होने के कारण शॉर्ट कवरिंग से बाजार को और समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, तीसरी तिमाही में नए श्रम कानून के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव दिखा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे एक बार का असर मान रहे हैं। 20 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,788 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 4,520 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
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