Ranchi : झारखंड में नशे के अवैध कारोबार करने वालों के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। राज्य सरकार ने नशाखोरी के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के हर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स बनाने की योजना पर काम कर रही है। सरकार का कहना है कि इस कदम से ड्रग्स की तस्करी और नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाई जा सकेगी। साथ ही युवाओं को नशे की लत से बचाने में भी मदद मिलेगी।
विधानसभा में उठा नशाखोरी का मुद्दा
शनिवार को यह मुद्दा झारखंड विधानसभा में जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक रोशन लाल चौधरी ने राज्य में तेजी से फैल रहे ड्रग्स के अवैध कारोबार को लेकर सरकार का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में ड्रग्स का नेटवर्क फैलता जा रहा है और बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। विधायक ने सदन में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य में ड्रग्स से जुड़े 2396 मामले दर्ज किए गए हैं।
सरकार ने जताई चिंता
सदन में उठे सवाल का जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य में नशाखोरी का बढ़ना वाकई चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कई युवा नशे की लत में पड़कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच के बाद अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और कई आरोपियों को जेल भी भेजा गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि साल 2026 में अब तक ड्रग्स से जुड़े 17 मामले सामने आ चुके हैं।
टास्क फोर्स बनाने की उठी मांग
इस मुद्दे पर भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की समस्या लगातार बढ़ रही है और कई जगहों पर हालात पुलिस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर जिले में एक विशेष टास्क फोर्स बनाई जानी चाहिए, ताकि अवैध कारोबार करने वालों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई हो सके।
जिलों में बनेगी विशेष टीम
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जिलों में विशेष टीम का गठन किया जाएगा।
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