Kolkata: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के जोरासांको में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की पवित्र कर्मभूमि से हुंकार भरते हुए योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि बंगाल की पहचान किसी मजहबी प्रतीकों से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर ‘कालीबाड़ी’ से है।
उन्होंने ममता बनर्जी के शासन को राज्य की अस्मिता के लिए खतरा बताते हुए भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार की पुरजोर वकालत की। मुख्यमंत्री योगी ने तृणमूल कांग्रेस को ‘टेरर, माफिया राज और करप्शन’ का पर्याय करार दिया। उन्होंने इतिहास की परतें खोलते हुए कहा कि बंगाल को पहले कांग्रेस ने लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और अब बीते 15 वर्षों से टीएमसी के गुंडे राज्य को कंगाल बनाने की साजिश रच रहे हैं। योगी ने दावा किया कि जिस बंगाल से कभी पूरा देश रोजगार की उम्मीद लेकर आता था और जो ज्ञान व शोध की धरा था, आज वह अपनी बदहाली से जूझ रहा है।
रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बंगाल की संस्कृति और सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गोहत्या आम हो गई है, रामनवमी की शोभायात्राओं पर प्रतिबंध लगाया जाता है और दुर्गा पूजा के समय कर्फ्यू की स्थिति पैदा की जाती है। उन्होंने व्यापारियों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि वे आज टीएमसी के गुंडों द्वारा वसूले जाने वाले ‘गुंडा टैक्स’ से त्रस्त हैं। जोरासांको की घटना का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की ‘ठाकुरबाड़ी’ है, जो पूरे भारत का गौरव है।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पवित्र हेरिटेज परिसर में गुरुदेव या भारत माता की तस्वीर सुशोभित होनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन ममता बनर्जी की तस्वीर लगा दी है। इसे उन्होंने भारतीयता और बंगाल की अस्मिता का सीधा अपमान करार दिया। आर्थिक मोर्चे पर सीएम योगी ने बंगाल सरकार को आंकड़ों के आइने में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में राज्य में 7,000 से अधिक बड़े उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे लगभग 30 लाख से अधिक युवा बेरोजगार होकर भटकने को मजबूर हैं।
उन्होंने कोलकाता के मेयर की ‘उर्दू’ वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि बंगाली अस्मिता के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि बंगाल को बुआ-भतीजे की टीएमसी सरकार की गुलामी से मुक्त कराने का समय आ गया है और राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए ‘डबल इंजन’ की भाजपा सरकार ही एकमात्र विकल्प है।
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