बीते 21 अगस्त की शाम को छात्रों के संगठनों ने विभिन्न जिलों में चौक-चौराहों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने के लिए इकट्ठा हुए. इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ छात्रों की झड़प हो गई. अब आरोप लगा है कि झामुमो के कार्यकर्ता प्लान बनाकर छात्रों को पीटने पहुंचे थे. यह आरोप झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने लगाया है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के गुंडों ने पहले से ही प्लान बना रखा था कि झारखंड के छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर मारना है. झारखंड के छात्रों पर हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयारी थी.
झामुमो की इमरजेंसी किसके लिए थी
उन्होंने आगे कहा कि अब सामने आए एक व्हाट्सऐप ग्रुप के मैसेज ने झामुमो के गुंडों की पोल खोल दी है. मैसेज में साफ लिखा है कि, ’04 बजे पार्टी कार्यालय गिरिडीह पहुंचें. संगठन का इमरजेंसी कॉल है.’ इसके बाद JMM से जुड़े लोगों का वीडियो भी सामने आता है.
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन से पूछा कि झामुमो का यह इमरजेंसी कॉल किस लिए था? किसे बुलाया गया था? किसके निर्देश पर भीड़ जुटाई गई? और क्या इसी भीड़ का इस्तेमाल छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ किया गया? अगर छात्रों पर हमला करने की कोई योजना नहीं थी, तो फिर पार्टी कार्यालय से ऐसा इमरजेंसी मैसेज क्यों जारी हुआ? जवाब दीजिए, हेमंत सोरेन जी.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि नकाब के पीछे छिपे चेहरों से लेकर व्हाट्सऐप ग्रुप के इन संदेशों तक, हर कड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. छात्रों की आवाज लाठी से नहीं दबेगी.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पीटा जाना निंदनीय
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि कल गिरिडीह के झंडा मैदान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जाना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है.
बाबुलाल मरांडी ने मारपीट में घायल छात्र मंटू मुर्मू से सदर अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में हेमंत सोरेन ने नीचता की सारी हदें पार कर दी हैं. छात्रों की आवाज को लाठी-डंडों से दबाने की यह कोशिश लोकतंत्र पर हमला है. इस गुंडागर्दी का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.
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