बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य Y.R. सदाशिव रेड्डी ने पत्र लिखकर मिश्रा से 15 दिनों के भीतर इस्तीफा देने की मांग की है.
रेड्डी ने BCI के कामकाज और वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठाते हुए BCI Trust PEARL में करीब 150 करोड़ के कथित ट्रांसफर की जांच की मांग की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लॉ कॉलेजों से BCI की मान्यता या नवीनीकरण के लिए 25 लाख से 1 करोड़ तक ‘कंट्रीब्यूशन’ मांगा गया.
वहीं दूसरी तरफ एएनआई के रिपोर्ट के अनुसार, मनन मिश्रा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए रेड्डी के पत्र को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का हर साल ऑडिट होता है और उसके खाते पारदर्शी हैं. मिश्रा ने यह भी दावा किया कि रेड्डी खुद इस ट्रस्ट के ट्रस्टी रह चुके हैं.
मिश्रा ने रेड्डी के BCI को-चेयरमैन होने पर भी सवाल उठाया और कहा कि वह अब कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल के सदस्य तक नहीं हैं. हालांकि, BCI की वेबसाइट पर रेड्डी का नाम को-चेयरमैन के तौर पर दिख रहा है.
NALSAR विवाद बना मुद्दा
यह विवाद NALSAR छात्रों को दी गई कार्रवाई की चेतावनी के बाद और बढ़ा. बीते 13 अगस्त को जारी निर्देश में CJI जस्टिस सूर्यकांत की दीक्षांत समारोह में मौजूदगी के खिलाफ अभियान से जुड़े छात्रों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी. विरोध के बाद निर्देश वापस ले लिया गया.
मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल हो चुकी है. हालांकि मिश्रा ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए दावा किया कि दो-तिहाई से ज्यादा BCI सदस्य उनके साथ हैं.
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