झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. हरिशरण देवगन ने JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने और मामले की स्वतंत्र एवं समयबद्ध सीबीआई जांच की मांग की गई है.
सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक याचिका का डायरी नंबर 47998/2026 है. इसे 8 अगस्त 2026 को दाखिल किया गया था और 19 अगस्त को W.P.(C) No. 1047/2026 के रूप में रजिस्टर किया गया. 20 अगस्त को इसका वेरिफिकेशन हुआ.
याचिका पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी. मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच के सामने एडमिशन के लिए सूचीबद्ध है.
लेकिन JPSC को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले हरिशरण देवगन आखिर कौन हैं?
सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक हरिशरण देवगन Niche Group ऑफ कंपनीज के संस्थापक और चेयरमैन हैं. वह खुद को कृषि उद्यमी और कृषक बताते हैं. उनकी प्रोफाइल में कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने की बात भी कही गई है.
उनकी कंपनी Niche Group की वेबसाइट के मुताबिक देवगन की कारोबारी यात्रा 2001 में कृषि और जैविक खेती से शुरू हुई. शुरुआत के बाद उनका कारोबार धीरे-धीरे कई क्षेत्रों तक फैलता गया. समय के साथ देवगन का कारोबार सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहा. Niche group की जानकारी के मुताबिक समूह जैविक खेती, औद्योगिक भांग की खेती, औषधि, घुड़सवारी, फिल्म निर्माण एवं वितरण, स्वच्छ ऊर्जा और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में काम करता है.
उनकी कंपनी Niche एग्रीकल्चर एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड औद्योगिक भांग और उससे जुड़े कारोबार पर काम करने की बात कहती है. कंपनी की प्रोफाइल में देवगन को Niche ग्रुप का संस्थापक बताया गया है.
कैंसर समेत दूसरी बीमारियों पर शोध का दावा
देवगन के कारोबारी प्रोफाइल का एक अहम हिस्सा भांग और उससे जुड़ा औषधीय शोध है. Niche ग्रुप के मुताबिक कंपनी कैंसर, मिर्गी और लंबे समय तक रहने वाले दर्द जैसी बीमारियों के लिए किफायती दवाओं पर शोध करने की दिशा में काम करने का दावा करती है.
देवगन की सार्वजनिक पहचान सिर्फ कारोबारी तक सीमित नहीं है. उनकी प्रोफाइल में उन्हें कृषक और राजनीतिक आवाज के रूप में भी पेश किया गया है. वह अपने ऑनलाइन मंचों के जरिए कृषि, किसान और सार्वजनिक मुद्दों से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखते रहे हैं. अब JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने के बाद उनकी सार्वजनिक भूमिका का एक नया पहलू सामने आया है.
JPSC से देवगन का क्या संबंध है?
यही इस पूरी कहानी का सबसे अहम सवाल है. उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में हरिशरण देवगन की पहचान JPSC अभ्यर्थी या किसी झारखंडी छात्र संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर सामने नहीं आती. इसके बावजूद उन्होंने झारखंड की इस महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
हालांकि यह जानना जरूर अहम है कि हरिशरण देवगन का झारखंड से क्या संबंध है, उन्होंने JPSC के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का फैसला क्यों किया और इस मामले में उनकी दिलचस्पी की वजह क्या है.
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